कोरोना के फैलाव के बीच मकर संक्रांति स्नान प्रतिबंधित होने के बाद भी हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने सुभाष घाट, गऊ घाट और शिव घाट समेत आसपास श्रद्धालुओं ने अपनी और अपनों की फिक्र छोड़कर आस्था की डुबकी लगाकर कोरोना के नियमों की तिलांजलि दी। पुलिस और प्रशासन ने शुरूआत में भीड़ को घाटों पर जाने से रोका, लेकिन भीड़ नियंत्रित होने से पुलिस कर्मियों ने खुद को किनारा कर लिया।
हरिद्वार कोविड की दूसरी लहर का दंश झेल चुका है। कुंभ आयोजन कोरोना का सुपर स्पेडर रहा। हजारों लोग कोरोना संक्रमित हुए। संतों से लेकर श्रद्धालु अकाल मौत के शिकार हुए। कुंभ स्नान कर लौटने वालों की दिल्ली समेत कई राज्यों में निगरानी करनी पड़ी। कुंभ में कोविड प्रसार को देखते हुए जिला प्रशासन ने साल के पहले स्नान पर्व मकर संक्रांति पर भले ही रोक लगा दी, लेकिन रोक सिर्फ हरकी पैड़ी पर रही। जिले की सीमाओं पर पुलिस चौकसी के बाद भी बाहरी राज्यों और जिलों से श्रद्धालु हरिद्वार तक पहुंचने में कामयाब रहे। अधिकतर श्रद्धालु ट्रेनों और बसों से पहुंचे। ट्रेनों और बसों में आवाजाही करने वाले श्रद्धालुओं पर फिलहाल कोई रोक नहीं है।
हरकी पैड़ी सील होने से श्रद्धालुओं ने सीसीआर टॉवर के पीछे शिव घाट और सामने सुभाष घाट व गऊ घाट पर डुबकी लगानी शुरू कर दी। देखते ही देखते घाटों पर सैलाब उमड़ गया। रोड़ीबेलवाला से सुभाष घाट को जाने वाले हाथी पुल पर पुलिस ने बैरियर लगाया था। लेकिन भीड़ का दबाव बढ़ते ही बैरियर हटाने पड़े। श्रद्धालु बिना रोकटोक पुल से होकर सुभाषघाट पहुंचे और डुबकी लगाई।
अब संक्रमण में तेजी आने की आशंका
धर्मनगरी में हर रोज संक्रमण बढ़ रहा है। मकर संक्रांति पर हजारों लोगों ने कोविड नियमों की अनदेखी कर स्नान किया। इसका असर आने वाले दिनों में संक्रमण के फैलाव के रूप में दिखने की आशंका है। श्रद्धालु हरिद्वार आने के बाद अपर रोड के बाजार और मंदिरों में दर्शनों के लिए पहुंचे।
हरकी पैड़ी पर स्नान पूरी तरह बंद रहा। स्थानीय लोगों को सुभाषघाट एवं आसपास के घाटों पर स्नान करने की छूट दी गई थी। स्नान करने वाले श्रद्धालुओं से कोविड नियमों का पालन कराया गया। जिन घाटों पर भीड़ थी वहां से भीड़ हटाई गई।
- डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी हरिद्वार
ऐसे हैं कई सवाल
- बार्डर पर पुलिस चेकिंग होने के बाद भी श्रद्धालु कैसे हरिद्वार पहुंचे
- स्नान प्रतिबंधित था और मेला क्षेत्र में फोर्स थी, फिर लोग बेरोक-टोक कैसे पहुंचे
- सुभाषघाट, गऊ घाट और शिव घाट पर उमड़ी भीड़ से कोविड नहीं फैलेगा
- डीएम और एसएसपी ने हरकी पैड़ी निरीक्षण किया, बाकी घाटों से भीड़ क्यों नहीं रोकी
- घाटों पर आने वालों के कोविड वैक्सीन लगाने के प्रमाणपत्र क्यों चेक नहीं किए गए