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चोरों का तांड़व, लोगों में दहशत, सात दिन में 13 चोरियां

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धर्मनगरी में घरों में सेंधमारी और राह चलते लोगों से झपटामारी की बढ़ती घटनाओं से दहशत बनी है। संदिग्ध लोगों का सत्यापन अभियान चलाए जाने के बाद भी चोर पुलिस को चुनौती दे रहे हैं। बंद घरों को निशाना बना रहे हैं। बीते एक सप्ताह में हरिद्वार में ताबड़तोड़ 13 घरों में हुई चोरी की घटनाओं ने पुलिस की गश्त और सत्यापन अभियान पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस एक भी घटना का खुलासा नहीं कर पाई है। पुलिस की कार्रवाई सीसीटीवी फुटेज देखते तक सीमित रही है।
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हरिद्वार में यात्रा सीजन चल रहा है। साथ ही सहालग है। सीजन में कई संदिग्ध लोग भीड़ के साथ हरिद्वार के गली मोहल्लों में घूम रहे हैं। शादियों का सीजन होने से कोई अपने गांव जा रहा है तो कोई रिश्तेदारी में। गली मोहल्लों में घूमने वाले रेकी कर बंद घरों को निशाना बना रहे हैं। हफ्ते भर में एक के बाद एक चोरी की 13 घटनाओं से लोगों में दहशत है। ज्वालापुर, सिडकुल, रानीपुर और बहादराबाद चोरों के निशाने पर हैं। ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के सीतापुर में एक मई को जिला सहकारी बैंक की दीवार तोड़कर चोरों ने अंदर घुसकर सामान खंगाला था। जबकि स्ट्रांग रूम तोड़ने की कोशिश की थी। इस घटना में भी पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं।
30 अप्रैल को सिडकुल के कृष्णा विहार में चोरी हो गई। छह मई की देर रात बहादराबाद की हरी आश्रय कॉलोनी में चोरों ने जमकर आतंक मचाया। कुछ ही घंटों में चार दुकान और तीन मकानों के ताले तोड़कर चोरी कर ली गई। रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के शिवालिक नगर में पांच दिन पहले घर में घुसकर चोरों ने नकदी और आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। पुलिस ने चार दिन तक मामला दबाए रखा। रविवार को ही चोरी का मामला सामने आया। शनिवार की देर रात में फिर से बहादराबाद में नई नहर कॉलोनी में घर में घुसकर चोरों ने जेवर और नकदी चोर कर ली। जबकि इससे करीब 15 दिन पहले कनखल में अधिवक्ता के घर चोरी हुई थी।
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मुखबिर तंत्र हो रहा फेल
अब पुलिस का मुखबिर का तंत्र भी फेल होने लगा है। एक समय में घटनाएं खोलने में पुलिस मुखबिरों की मदद लेती थी। लेकिन, अब सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन के जमाने में मुखबिरों तंत्र कम हो गया। जिससे पुलिस को घटनाओं के खुलासे में मदद नहीं मिल रही है।
सोशल मीडिया में जानकारी शेयर करना पड़ रहा भारी
हरिद्वार में पर्वतीय क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लोग नौकरी, कारोबार करते हैं। शादी या फिर अन्य कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए इन दिनों अपने घर जा रहे हैं। अधिकतर लोग शादी या बाहर जाने की जानकारी फेसबुक, इंस्टाग्राम पर फोटो अपलोड कर देते हैं। सोशल मीडिया से भी चोर निगाह रखते हैं। फिर बंद पड़े घरों की रेकी कर घटना को अंजाम देते हैं।
जिले में 13 हजार का सत्यापन
पुलिस के दावे के मुताबिक जिले में 13,700 लोगों का सत्यापन किया है। अभी तक कोई भी संदिग्ध नहीं मिला है। सवाल उठने लगे हैं कि पुलिस फड़-ठेली, रिक्शा चालक और किरायेदारों का सत्यापन कर क्या हासिल कर रही है। जबकि चोर अपना काम कर पुलिस के लिए सिरदर्द बने हैं।
चोरी की घटनाओं में मुकदमे दर्ज कर चोरों की धरपकड़ के लिए टीमें लगाई गई हैं। निरंतर पुलिसकर्मियों को गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। - स्वतंत्र कुमार, एसपी सिटी
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