11 सितंबर से केदारनाथ में दोबारा पूजा शुरू कराने को लेकर पुलिस-प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। नए राहत आयुक्त/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिन भदौरिया गुप्तकाशी पहुंच गए हैं।
राहत आयुक्त केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने तक केदारघाटी में ही रहेंगे। वहीं विभिन्न विभागों के साथ समन्वय के लिए केदारनाथ धाम में एसडीएम की तैनाती रहेगी।
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चॉपर से जाएगा खाद्यान्न
प्रथम चरण में एसडीएम ऊखीमठ राकेश तिवारी को भेजा गया है। पुलिस के एक सीओ भी केदारनाथ में रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए एक सीओ गौरीकुंड और एक सीओ गुप्तकाशी में मौजूद रहेंगे।
मंगलवार को एमआई-17 हेलीकॉप्टर केदारनाथ का एक ही चक्कर मार पाया। इससे धाम में प्री-फेब्रिकेटेड हट्स की निर्माण सामग्री भेजी गई। जबकि सिविलियन चॉपर से केदारनाथ खाद्यान्न भेजा गया।
पुलिस कर्मियों की डिमांड
पुलिस अधीक्षब बरिंदर जीत सिंह ने बताया कि केदारनाथ में दोबारा पूजा शुरू होने पर व्यवस्था बनाने के लिए 100 पुलिस अधिकारियों/कर्मियों की डिमांड की गई है। इसमें तीन सीओ भी शामिल हैं।
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उन्होंने बताया कि सोनप्रयाग, त्रियुगीनारायण और चौमासी की ओर से केदारनाथ जाने वाले मार्गों पर पुलिस मौजूद रहेगी। किसी भी व्यक्ति को बिना अनुमति केदारनाथ नहीं जाने दिया जाएगा।
जल्द लगेगा टावर
इधर, डीएम जावलकर ने बताया कि नए राहत आयुक्त के साथ फिलहाल एडीएम राघव लंघर को गुप्तकाशी भेजा गया है।
धाम में बीएसएनएल टावर को लगाने में हो रही देरी पर उन्होंने कहा कि निगम के डीजीएम से इस संबंध में वार्ता की गई है। उन्होंने बुधवार तक सामग्री पहुंचाने की बात कही है।