हाईकोर्ट के बाद अब प्रदेश सरकार ने भी नौ बागी विधायकों को झटका दिया है। सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में इनकी विधायक निधि पर रोक लगा दी है। जबकि 61 विधायकों को एक-एक करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी गई है।
बता दें कि सियासी संकट के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और हरक सिंह रावत समेत नौ बागी विधायकों की सदस्यता विधानसभा अध्यक्ष ने निरस्त कर दी थी। हाईकोर्ट ने भी विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय को सही ठहराया था। हालांकि इनकी सदस्यता का मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है लेकिन प्रदेश सरकार ने इनकी विधायक निधि रोक दी है।
बागियों में शामिल कुछ विधायकों ने पिछले चार साल में जारी आठ करोड़ विधायक निधि में से ज्यादातर बजट भी खर्च नहीं किया है। अब विधायक निधि रुकने से संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्य प्रभावित होंगे। प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास मनीषा पंवार ने बताया कि बाकी 61 विधायकों को चालू वित्तीय वर्ष 2016-17 के बजट से एक-एक करोड़ की विधायक निधि जारी कर दी गई है।