मध्य कमान सेनाध्यक्ष ले. जनरल अनिल चैत का कहना है कि उत्तराखंड में बचाव व राहत के लिए सेना के लिए अगले 24 घंटे सबसे अहम होंगे।
मौसम विभाग ने 48 घंटे में दोबारा बारिश की आशंका जताई है। इसके चलते अगले 24 घंटे में सेना का लक्ष्य केदारनाथ, जोशीमठ, तवाघाट सेक्टरों से जुड़े सभी हिस्सों से वैकल्पिक रास्ता तैयार करने की है।
सेना गंगोत्री पर नया हैलीपैड रविवार तक बना लेगी। गंगोत्री से भैरोघाटी के लिए रास्ता बनाकर लोगों को हर्षिल तक लाने की योजना पर काम चल रहा है। गंगोत्री क्षेत्र को रविवार को खाली कराया जाएगा।
ले. जनरल अनिल चैत शनिवार को प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर्षिल आपदाग्रस्त क्षेत्र में सबसे अहम स्थान है।
सेना के जवान दुर्गम क्षेत्र में फंसे लोगों से उनके घरों का नंबर लेकर हर्षिल बेस से 728 जगहों पर फोन कर उनके सही सलामत होने की सूचना पहुंचा रहे हैं।
सेना का वायदा है ऊपरी हिस्से में फंसे हर एक व्यक्ति को सही सलामत नीचे लाया जाएगा। गौरीकुंड और रामबाड़ा में हेलीकॉप्टर उतरने लगे हैं। सेना ने दूसरी कमानों से और सौ जवानों की मांग की है।
रविवार को इन जवानों के पहुंचते ही हालात की पूरी जानकारी देकर उनको जंगलों में उतारा जाएगा। उन्होंने कहा कि तवाघाट से धारचूला के बीच कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए निकले 1000 लोग गूंजी वैली में फंसे हुए हैं।
यूपी के हैं 25 प्रतिशत लोग
अब तक फोन कॉल के आधार पर सेना ने जो आंकड़े तैयार किए हैं उसके मुताबिक आपदा में उत्तराखंड के 45 प्रतिशत लोग फंसे हुए हैं। यूपी के 25 प्रतिशत, पंजाब के 15 प्रतिशत हरियाणा के पांच प्रतिशत और शेष 10 प्रतिशत दूसरे राज्यों से हैं।