उत्तराखंड में शनिवार को जारी बारिश ने राहत और बचाव के काम में बाधा पैदा कर दी है। राहत सामग्री पहुंचाने से लेकर शवों के अंतिम संस्कार तक का काम धीमा पड़ गया है।
रूद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी सहित विभिन्न प्रभावित इलाकों में बारिश की वजह से हेलीकॉप्टर भी राहत सामग्री लेकर नहीं उड़ पा रहे हैं।
बारिश में नदियों का पानी फिर से बढ़ जाने से अधिकारियों को चेतावनी भी जारी की गई है।
राज्य के विभिन्न इलाकों में कल से ही बारिश हो रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटे के दौरान वहां और बारिश होगी।
जिन इलाकों में बारिश नहीं हो रही है, वहां भी बादल छाए हुए हैं और दृश्यता कम है, जिसके कारण हेलीकाप्टरों का उड़ना लगभग असंभव है।
अधिकारियों का कहना है कि उत्तरकाशी जिले में फिर से आई बारिश से भागीरथी नदी का पानी बढ़ गया है। इसके चलते प्रशासन को नदी किनारे बसे लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाना पड़ सकता है।
डीएम दिलीप जावलकर के मुताबिक आज आपदा के 20वें दिन भी खराब मौसम के कारण केदारघाटी और रुद्रप्रयाग में राहत कार्य बाधित हैं और बाढ़ प्रभावित गांवों में सामग्री भी नहीं पहुंच पा रही है।
बारिश के कारण केदार घाटी में शवों के अंतिम संस्कार का काम भी धीमा पड़ गया है। एक हफ्ते में केवल 72 अंतिम संस्कार ही हो पाए हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तराखंड के दक्षिणी इलाकों में कुमायूं क्षेत्र के उधम सिंह नगर, नैनीताल, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और चंपावत जिले में 40 से 70 मिमी तक बारिश हो सकती है।