विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में फ्लोर टेस्ट के लिए सटीक व्यवस्था कर दी है। उन्होंने बताया कि फ्लोर टेस्ट के दौरान हाथ उठाकर लोग पक्ष-विपक्ष को समर्थन देंगे। इसमें वोटिंग नहीं होगी।
अगर सदन का सदस्य अपनी पार्टी के बजाए किसी दूसरे दल के पक्ष में हाथ उठाता है तो उसकी सदस्यता पर संकट आएगा।
हर सदस्य की होगी वीडियोग्राफी
विधानसभा अध्यक्ष कुंजवाल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में फ्लोर टेस्ट के संबंध में जो व्यवस्था दी है, उसमें पूर्व मुख्यमंत्री के समर्थक एक तरफ बैठेंगे और विपक्ष के दूसरी तरफ। फिर विधायकों का एक-एक करके नाम पुकारा जाएगा।
वह हाथ उठाकर बताएंगे कि किसके समर्थन में हैं। सदन के हर तरफ सचिवों की ड्यूटी लगा दी जाएगी। जब सदस्य हाथ उठाकर समर्थन देगा तो उसकी वीडियोग्राफी होगी, जिसे सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा।