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ट्रंचिंग मैदान में तीन दिन से लगी आग, धुएं से लोगों की जान पर बनी

Wed, 23 Mar 2016 01:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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आग - फोटो : amar ujala
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नगर निगम के ट्रंचिंग मैदान में तीन दिन से आग लगी है, आग लगने से कूड़े से निकलने वाले धुएं से जागृति एनक्लेव, मधुर विहार, मंदाकिनी एनक्लेव, अमन विहार, सांई कालोनी समेत कई कालोनियों के लोगों को परेशानी हो रही है। 
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लोगों को सिरदर्द, सांस लेने में परेशानी, चक्कर आ रहे है, जबकि बच्चों को तो उल्टियां तक हो रही है। आरोप है इसकी शिकायत मेयर विनोद चमोली, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, अग्निशमन विभाग से करने के बाद भी कोई आग को बुझाने नहीं पहुंचा। 

लोगों ने मामले को लेकर मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. कैलाश गुंज्याल का कहना है कि तकनीकी कारणों से आग नहीं बुझायी जा सकी। आग अपने आप लगी है और खुद ब खुद बुझ भी जाएगी। 
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धुएं से हुई तब‌ीयत खराब
जागृति विहार एनक्लेव सोसायटी के सचिव पीके दीक्षित ने बताया कि ट्रंचिंग मैदान में पिछले तीन दिन से आग लगी हुई है। आग से भयानक धुआं भी उठ रहा है। उनका कहना है कि यह समस्या कमोबेश हमेशा रहती है, लेकिन सोमवार से तो हालात बहुत ही खराब है। 

इससे आसपास रहने वाले लोगों की तबीयत खराब होने लगी है। रात में सोना तक मुश्किल हो गया है, बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी होती है। 

जागृति एन्क्लेव में ही रहने वाले राजेश गुप्ता, नीलम, आई एस चौहान, वीरेंद्र शर्मा, राकेश पुनारी, सुशीला तोमर, अरुण सिंह का कहना है कि मेयर विनोद चमोली, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, दमकल विभाग और 100 नंबर पर भी शिकायत की गई। 

शिकायत के बाद भी किसी विभाग के किसी अधिकारी या कर्र्मचारी का मौके पर न पहुंचना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनका कहना है कि वे अब इस मामले को मानवाधिकार आयोग ले जाएंगे। 

ट्रंचिंग मैदान को शिफ्ट करने की लोग कर रहे मांग
बता दे कि सहस्त्रधारा मार्ग स्थित ट्रंचिंग मैदान को यहां से कही और शिफ्ट करने की मांग लंबे समय से की जा रही है। लेकिन नगर निगम प्रशासन इस मामले में उदासीन ही रहा है।  


कूड़े में प्लास्टिक होने के कारण आग बुझाने को पानी डालने पर ज्यादा धुआं उठता है। समस्या गंभीर है, धुएं से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। आग बाहर से नहीं लगी है और रसायनों व प्लास्टिक के कारण लग गई। 

अगर इसमें पानी डाला जाता तो हालात और बदतर हो जाते हैं। तकनीकी कारणों से हम बहुत अधिक हस्तक्षेप नहीं कर पाए। हालांकि हमारी टीम ने मौका मुआयना किया और आग लगने की वजह का पता लगाया है।  इसके स्थाई समाधान को झाझरा में ट्रंचिंग मैदान को शिफ्ट करने का प्रयास जारी है। 
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डा. कैलाश गुंज्याल, वरिष्ठ नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम, देहरादून 
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