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अब आनलाइन दर्ज करिए एफआईआर

Mon, 01 Jul 2013 09:18 PM IST
देहरादून/ब्यूरो
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अंग्रेजों के जमाने की पुलिस व्यवस्था में अब बदलाव का दौर शुरू हो रहा है। इस बदलाव की शुरुआत हुई है आनलाइन एफआईआर के साथ। यानी अब आपको तहरीर लेकर थाने-चौकियों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
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सोमवार को देहरादून के डालनवाला कोतवाली में पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत हुई और जल्द ही सभी थाने इससे जुड़ जाएंगे। इसी हफ्ते वेबसाइट लांच होने के बाद लोग ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करा सकेंगे। सोमवार को एसएसपी केवल खुराना ने डालनवाला कोतवाली पहुंचकर प्रोजेक्ट की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी 125 थानों को आनलाइन करने की प्रक्रिया चल रही है।

सभी जगह कंप्यूटर लगाए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया की मानीटरिंग के लिए पुलिस अधिकारियों के दफ्तरों में भी कंप्यूटर लगाए जाएंगे। कोतवाली या थाना इंचार्ज अपने क्षेत्र के अंतर्गत दर्ज सभी मुकदमों में आनलाइन मानीटरिंग कर सकेंगे।
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एसपी और एसएसपी जिले के जबकि पुलिस मुख्यालय स्तर पर प्रदेश के सभी थानों की रिपोर्ट और उन पर हुई प्रगति को जांचा जा सकेगा। रिपोर्ट दर्ज करने और मानीटरिंग के लिए सभी संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों को अलग-अलग लाग-इन आईडी और पासवर्ड दिए जाएंगे।

आनलाइन होंगे पूरे देश के थाने
सीसीटीएनएस यानी क्राइम कंट्रोल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम से देश के सभी थाने आनलाइन एक-दूसरे से जुड़ जाएंगे। क्राइम कंट्रोल की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है। देश के किसी भी थाने में दर्ज हुई रिपोर्ट और अपराधियों का रिकार्ड आनलाइन उपलब्ध होगा।

यह पूरी प्रक्रिया अभी दिल्ली से ही नेशनल इंफोरमैटिक्स सेंटर (एनआईसी) के देखरेख में संचालित होगी। सभी थानों के आनलाइन होने के बाद इसकी मानीटरिंग भी इसी संस्थान को सौंप दी जाएगी।

ऐसे दर्ज होगी रिपोर्ट
रिपोर्ट दर्ज करने के लिए जल्द ही एनआईसी एक वेबसाइट जारी करेगी। इस वेबसाइट पर शिकायत दर्ज कराने लिए आपको मंगल फांट का प्रयोग करना होगा। वेबसाइट पर दर्ज होने वाली शिकायतों का संज्ञान लेकर संबंधित थाना एफआईआर दर्ज करेगा।

यह काम थाने या कोतवाली में तैनात बाबू का होगा। थाने का बाबू अपने लॉग-इन से तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर थाना या कोतवाली इंचार्ज को भेजेगा। शुरुआती जांच के बाद मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू होगी। खास बात यह है कि पीड़ित एफआईआर नंबर और पासवर्ड से मामले में हुई प्रगति जांच सकेगा।

अब नहीं चलेगी मनमानी
इस प्रक्रिया की खास बात यह है कि पुलिस अब रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी नहीं कर सकेगी। पुलिस को आनलाइन तहरीर मिलते ही एफआईआर दर्ज करनी होगी। तहरीर पर हुई हर कार्रवाई की पुलिस को आनलाइन दर्ज करनी होगी।

दस वर्ष का रिकार्ड होगा आनलाइन
एसएसपी देहरादून केवल खुराना ने बताया कि पिछले दस वर्ष का आपराधिक रिकार्ड आन लाइन किया जाएगा। डालनवाला कोतवाली में पुराने मुकदमों को आनलाइन दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी।
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