पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने हल्द्वानी स्थित डॉ. सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज को एम्स का दर्जा दिए जाने की मांग उठाई है। राज्यपाल डॉ. कृष्णकांत पाल से सचिवालय में शिष्टाचार मुलाकात के दौरान उन्होंने यह मुद्दा जोरशोर से उठाया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से ऋषिकेश में एम्स स्थापित कर दिया गया है।
बावजूद इसका लाभ कुमाऊं क्षेत्र के लाखों मरीजों को नहीं मिल पा रहा हैं। ऐसे में यदि राज्य सरकार की ओर से डॉ. सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज को ही एम्स का दर्जा दे दिया जाए, तो कुमाऊं क्षेत्र के मरीजों को लाभ मिलेगा। मेडिकल कालेज को एम्स में परिवर्तित करने में ज्यादा खर्चा भी नहीं आएगा। क्योंकि ताम संसाधन वहां पहले से ही मौजूद हैं।
राज्यपाल से मुलाकात के दौरान उन्होंने एचएमटी कंपनी बंद होने के बाद बेरोजगार हुए हजारों कर्मचारियों के समायोजन का भी मुद्दा उठाया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कंपनी होने के बाद कर्मचारियों के समझ रोजीरोटी का गंभीर संकट है। ऐसे में बेहतर यही होगा कि राज्य सरकार इन्हें अन्य सरकारी संस्थानों में समायोजित करें।
‘रोहित शेखर तिवारी कहें जनाब’
मीडिया कर्मियों द्वारा रोहित शेखर नाम से पुकारे जाने को लेकर उन्होंने कहा कि ‘रोहित शेखर नहीं पूरा नाम रोहित शेखर तिवारी कहें जनाब।
अपने संबोधन के दौरान रोहित शेखर तिवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री को कई बार पिता कहकर संबोधित किया। इतना ही नहीं कार से उतरने से लेकर राज्यपाल से मुलाकात और फिर सीढ़ियां उतरने में वह पिता एनडी तिवारी की पूरी मदद करते नजर आए।