प्रवासी उत्तराखंडियों ने रविवार को प्रेस क्लब सभागार में मीडिया के सामने प्रदेश के ताजा हालत के लिए डर्टी पॉलिटिक्स को जिम्मेदार ठहराया। इन लोगों ने आरोप लगाया कि 16 सालों में राज्य के नेताओं ने प्रदेश के बजाय अपना विकास ज्यादा किया है। उन्होंने कहा कि प्रवासी उत्तराखंडी अपने-अपने व्यवसाय, नौकरी आदि में सर्व सम्पन्न हैं। पर प्रदेश का विकास नहीं होने का दर्द हमेशा की तरह आज भी परेशान करता है।
वरिष्ठ पत्रकार केशर सिंह बिष्ट ने कहा कि मुंबई में उन्हें कहीं भी आते-जाते समय अपना परिचय देने पर दिक्कत होती है। पर हमारी व्यावसायिक मजबूरी है कि हम मुंबई में हैं। हमें राज्य से कुछ नहीं चाहिए पर बड़ा दु:ख होता है जब राज्य के बारे में बुरी खबरें सामने आती हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश के नेताओं ने कभी प्रवासी उत्तराखंडियों की वापसी के लिए प्रयास नहीं किए।
प्रवासी उत्तराखंडियों ने कहा कि प्रदेश में 16 सालों में आठ मुख्यमंत्री बनाना राज्य के विकास की हकीकत खुद बयां करता है। इन लोगों का कहना है कि अब वक्त आ गया है कि हमें अपना निजी स्वार्थ छोड़कर जनता का स्वार्थ पूरा करने की बात करनी चाहिए। बिष्ट मुंबई में कई बड़े-बड़े फिल्मकारों से मिलते रहते हैं।