बहुमत परीक्षण के बाद विधानसभा से बाहर आते भाजपा और कांग्रेस विधायकों की चेहरों के हावभाव ने यह जाहिर कर दिया कि विधानसभा के अंदर किसका पलड़ा भारी रहा। सूत्रों के हवाले से खबर है कि कांग्रेस के पक्ष में 33 और भाजपा के पक्ष में 28 वोट पड़े हैं। खबर है कि स्पीकर को वोट देने की जरूरत ही नहीं पड़ी।
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बाहर निकल जहां कांग्रेस ने बहुमत मिलने का दावा किया, वहीं भाजपा के नेता सुप्रीम कोर्ट का हवाला देकर यह कहते नजर आए कि 11 मई को अदालत फैसला सुनाएगी।
बहुमत परीक्षण के बाद विधानसभा के बाहर आए भाजपा विधायक गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड में भाजपा ने धन-बल का प्रयोग नहीं किया। अगर भाजपा भी ऐसा करती तो हम सदन के अंदर बहुमत सिद्घ करते।
उन्होंने कहा भले ही बहुमत परीक्षण में भाजपा आंकडों से रह गई है, लेकिन कि सैद्घांतिक रूप से भाजपा की जीत हुई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक विधायक ने भाजपा के पक्ष में समर्थन दिया।
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विधानसभा से बाहर आने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा है कि सदन के अंदर जो हुआ वह उस बारे में कुछ नहीं कहेंगे। कल सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सब कुछ सामने आ जाएगा। उन्होंने कहा कि मैं सु्प्रीम कोर्ट, संविधान, उत्तराखंड की जनता और भगवान को धन्यवाद कहता हूं।
भाजपा कांग्रेस दोनों ने लगाई एक-एक विधायक की सेंध
कांग्रेस बचाए रही अपना कुनबा
- फोटो : amar ujala
रावत और कांग्रेसियों के चेहरे पर जाहिर हो रही खुशी नतीजा साफ बयान कर रही थी। रावत ने भी नतीजे पर कुछ कहने से इनकार किया। कांग्रेस के खेमे में नौ बागी विधायकों के हटने के बाद कुल 27 सदस्य ही रह गए थे।
दो बसपा, तीन निर्दलीय और एक यूकेडी के विधायक को मिलाकर कांग्रेस का कुल कुनबा 34 का है। भीमलाल आर्य को मिलाकर भाजपा के 28 सदस्य हैं। इस हिसाब से एक का नुकसान उठाकर कांग्रेस अपने पूरे कुनबे को बचाने में कामयाब रही। दूसरी ओर भाजपा ने एक सदस्य खोकर एक सदस्य हासिल कर अपने कुनबे को 28 पर ही सीमित रखा।
इससे पहले कड़ी सुरक्षा में 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने सदस्यों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से अवगत कराया। प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने वाले विधायक बांयी ओर और विरोध करने वाले विधायक दांयी ओर बैठे।
रावत बने फ्लोर मैनेजमेंट के मास्टर
हरीश रावत
- फोटो : ANI
सूत्रों के मुताबिक रेखा आर्य भाजपा और भीमलाल कांग्रेस के विधायकों के साथ बैठे। इसके बाद प्रमुख सचिव विधायी और सचिव विधानसभा को मत विभाजन का निर्देश दिया गया। अध्यक्ष के मुताबिक प्रमुख सचिव विधायी की ओर से मतदान की संपूर्ण कार्यवाही की रिकॉर्डिंग बुधवार को साढ़े दस बजे सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी। अध्यक्ष ने बताया कि विशेष सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है।
मंगलवार को उत्तराखंड विधानसभा में भाजपा और कांग्रेस दोनों की ही प्रतिष्ठा दांव पर थी, लेकिन इस फ्लोर टेस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत फ्लोर मैनेजमेंट के मास्टर बनकर उभरे। रावत अपने कुनबे को अंतिम क्षणों तक संभाल कर रखने में कामयाब रहे। इतना ही नहीं, फ्लोर टेस्ट से पहले हरीश रावत ने विधानसभा गेट पर ही मोरचा संभाला और हर आने वाले विधायक का स्वागत किया।
फ्लोर टेस्ट के नतीजे हमारे लिए झटका नहीं : गडकरी
नितिन गडकरी
- फोटो : filephota
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि उत्तराखंड विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के नतीजे कांग्रेस के लिए झटका नहीं हैं। गडकरी ने कहा है कि शक्ति परीक्षण सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर विधानसभा में हुआ है। कांग्रेस ने बहुमत साबित किया है। लोकतंत्र में हमें इसे स्वीकार करना होगा। अब हम सहयोग करेंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में बने हालात कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति का परिणाम थे।
उत्तराखंड में छाए अनिश्चितता के बादल अब छंट जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट का आदेश देकर न्याय किया। जिन विधायकों ने मेरा समर्थन किया है, मैं उनका आभारी हूं। अब सबको मिलकर प्रदेश के विकास के लिए कार्य करना चाहिए।
-हरीश रावत, पूर्व सीएम
यह लोकतंत्र की जीत : सोनिया
उत्तराखंड विधानसभा में कांग्रेस पार्टी का बहुमत हासिल करना लोकतंत्र की जीत है।
सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष
शिव सेना का कहना है कि अगर यह फ्लोर टेस्ट पहले हो जाता तो इतना तमाशा नहीं होता तो सबकी इज्जत बची रहती।
If floor test had happened earlier then all this tamasha could have been avoided and prestige of all sides would have remained: Shiv Sena
— ANI (@ANI_news) May 10, 2016
वहीं इंदिरा हृदयेश ने कहा कि आज जो भी हुआ वह देश और राजनीतिक पार्टियों के लिए संदेश है। हरीश रावत के पक्ष में 33 सदस्यों ने वोट दिया। मैं पीडीएफ, बीएसपी और यूकेडी का धन्यवाद करती हूं।
वहीं बीजेपी के नेता तीरथ सिंह रावत ने कहा है कि कल यानी बुधवार को सुप्रीम कोर्ट सील बंद लिफाफे को खोलेगा। तभी पता चलेगा कि बहुमत किसे मिलेगा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि लोकतंत्र की जीत हुई है और केवल सुप्रीम कोर्ट द्वारा कंटक्ट कराए गए फ्लोर टेस्ट की वजह से संभव हुआ है। बीजेपी ने उत्तराखंड में लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश की है, जिसकी शुरूआत अरुणाचल से हुई थी।
प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि हरीश रावत भ्रष्टाचार से बच नहीं सकते। जनता के साथ जो अन्याय किया है उससे नहीं बच सकते हैं। हरीश रावत भ्रष्टाचार पर देश के सामने एक्सपोज हुए हैं। उत्तराखंड की जनता की रक्षा करना भाजपा का लक्ष्य है।