उत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा मंगलवार की सुबह गुप्तकाशी पहुंचे। जहां उन्होंने आपदा पीड़ितों से मिलकर उनकी परेशानियां जानी। आपदा को आए चार माह बीत जाने के बाद आखिरकार अब सीएम साहब हो पीड़ितों की चिंता सताने लगी है।
केदारघाटी सबसे ज्यादा प्रभावित
जून में आए जल प्रलय से केदारघाटी सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। मुख्यमंत्री केदारघाटी के आपदा प्रभावित लोगों से दुख दर्द और उनकी जरूरतें जानेंगे। जिसके बाद इसी कि अनुरूप राहत कार्यों का प्रारूप तैयार किया जाएगा।
केदारनाथ में आए जल प्रलय में सबसे ज्यादा नुकसान गुप्तकाशी, ऊखीमठ और अगस्त्यमुनि के आसपास के गांवों को हुआ है। सैकड़ों परिवारों ने यहां न सिर्फ अपनों को इस आपदा में खोया है, बल्कि उफनाई मंदाकिनी उनका सबकुछ अपने साथ बहा ले गई।
इसी क्षेत्र में चंद्रापुरी और सेमी जैसे गांव भी हैं, जो लैंड स्लाइड जोन बन चुके हैं और कभी भी पूरी तरह तहस-नहस हो सकते हैं। विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं-संगठनों से मिली मदद के बावजूद आपदा में सर्वस्व गवां चुके इन पीड़ितों को अभी भी सरकार से मदद की दरकार है।
अब तक मिली सरकारी मदद नाकाफी
जीवन को सामान्य बनाने के लिए स्थानीय लोग अब तक मिले सरकारी इमदाद को नाकाफी बता रहे हैं। सोनप्रयाग, गौरीकुंड, रामबाड़ा से लेकर केदारनाथ तक सब कुछ बर्बाद हो चुका है। स्थानीय लोगों के रोजी-रोजगार के सारे साधन खत्म हो चुके हैं।
परिवार के कमाने वाले अधिकांश लोग लापता हैं। उनके शव भी लोगों को नहीं मिल सके हैं।
इन मसलों पर मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर बातचीत करेंगे और पुनर्निर्माण और पुनर्विकास की योजनाओं का स्वरूप तय करेंगे। मुख्यमंत्री के साथ जिला प्रशासन और शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहेंगे।
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