चंपावत/पिथौरागढ़। उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले विभिन्न विभागों के कर्मचारी सात सूत्री मांगों के लिए दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार पर रहकर धरने पर बैठे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक कार्य बहिष्कार जारी रखा जाएगा। बता दें कि पिथौरागढ़ में उपनल कर्मी तीन दिन से जबकि चंपावत में दो दिन से कार्य बहिष्कार कर नारेबाजी कर रहे हैं।
बुधवार को कलक्ट्रेट परिसर में उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले कई विभागों के कर्मियों ने एकजुट हो कर नारेबाजी कर धरना दिया। कर्मचारियों का कहना था कि लंबे समय से विभिन्न मांगों को लेकर सिर्फ झूठा आश्वासन दिया जा रहा है। कहा कि मांगों को लेकर लंबे समय से आवाज उठाई जा रही है लेकिन सरकार की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। धरना-प्रदर्शन करने वालों में राकेश बिष्ट, मनोज गड़कोटी, चंचल जोशी, हिम्मत रावल, हेम चंद खर्कवाल, दीपक पंत, नीरज कलखुड़िया, भाष्कर नाथ, ललित रैंसवाल, हरीश मुरारी आदि कर्मचारी मौजूद रहे।
इधर पिथौरागढ़ में उपनल कर्मचारी संयुक्त मोर्चा कर्मियों का कार्य बहिष्कार तीसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को विभिन्न विभागों में कार्यरत उपनल कर्मियों ने कलक्ट्रेट स्थित अधिसूचित धरना स्थल पहुंचकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में जिला संयोजक हिम्मत सिंह, त्रिभुवन बसेड़ा, राजेंद्र सिंह, दिनेश पंत, हेम पाटनी, नरेंद्र कुमार, सुरेश चंद्र भट्ट, मनोज मेहता आदि उपनल कर्मी मौजूद रहे।
कई विभागों में काम प्रभावित
चंपावत। जिले में करीब 600 से ज्यादा उपनल कर्मचारी हैं। इनके हड़ताल पर जाने से विभिन्न विभागों में काम प्रभावित रहा। स्वास्थ्य, सेवायोजना, उच्च शिक्षा, उद्यान, लोनिवि, वाहन चालक, आपदा, पीएमजीएसवाई, विकास भवन, आरईएस, बाल विकास आदि विभागों के कर्मियों के कार्य बहिष्कार किया से काम प्रभावित रहे। इस कारण आम लोगों के भी कई काम नहीं हो सके। हालांकि विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था की थी लेकिन विभागों में काम व्यवस्थित ढंग से नहीं हो सका। संवाद
उपनल कर्मियो ये हैं मांगें
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एसएलपी को वापस लेते हुए नैनीताल हाईकोर्ट के वर्ष 2018 में दिए गए आदेश को लागू किया जाए।
उपनल कर्मियों के वेतन में प्रतिवर्ष 20 फीसदी बढ़ोतरी की जाए।
किसी भी उपनल कर्मचारी को सेवा से न हटाया जाए।
मृतक आश्रितों को नौकरी दी जाए।
पांच वर्ष पूरे कर चुके कर्मियों के पद सृजित किए जाएं।
माध्यमिक शिक्षा में कार्यरत प्रयोगशाला सहायकों को उच्च शिक्षा की तरह कुशल श्रेणी में रखा जाए।
उर्जा निगम में स्थगित महंगाई भत्ते को बहाल कर इसे उत्तराखंड के सभी विभागों में लागू किया जाए।
फोटो: 14 पीटीएच 21 पी- पिथौरागढ़ में धरना प्रदर्शन करते उपनल कर्मी। संवाद
फोटो: 14 पीटीएच 21 पी- पिथौरागढ़ में धरना प्रदर्शन करते उपनल कर्मी। संवाद