चंपावत/लोहाघाट। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार को आवाजाही पूरी तरह ठप रही। नौ जगह मलबा आने से एनएच बंद रहा। भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर रविवार से मार्ग पर आवाजाही प्रतिबंधित थी। इस रोक के चलते एनएच पर वाहन नहीं थे। हालांकि कुछ स्थानों पर कार और अन्य वाहन बहने से बाल बाल बचे।
आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक सूखीढांग, चल्थी, स्वांला, मझेड़ा, भारतोली, बसान, च्यूरानी, लीसाडिपो और खोल्का के पास भारी मात्रा में मलबा आया। मूसलाधार बारिश की वजह से इन मार्गों पर आए मलबे को हटाने में अड़चन आई। डीएम विनीत तोमर ने बताया कि भारी बारिश के चलते एनएच पर आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित की गई है। पुलिस ने भी अलर्ट जारी किया है।
ग्रामीण क्षेत्र की दस प्रमुख सड़कें बंद
चंपावत। जिले में रविवार रात से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। बारहमासी सड़क के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र की दस प्रमुख सड़कें भारी मात्रा में मलबा आने के कारण बाधित हो गई हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार को ग्रामीण क्षेत्र की वालिक-गागर, चंपावत-खेतीखान, धूनाघाट-भिंगराड़ा-रीठासाहिब, धौन-दियूरी, अमोड़ी-छतकोट, धौन-सल्ली, ककराली गेट-ठुलीगाढ, डुंगराबोरा-चिलकोट और चंपावत-रौखेत मोटर मार्ग मलबा आने के कारण बंद हो गए हैं। सड़कों को खोलने का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
चंपावत राजमार्ग रहा बंद, यात्रियों ने झेली परेशानी
टनकपुर (चंपावत)। टनकपुर-चंपावत राजमार्ग बंद रहने से यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। सोमवार की सुबह मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने यात्री और मालवाहक वाहनों को ककरालीगेट बैरियर पर रोक दिया। काफी देर तक मार्ग खुलने का इंतजार करते रहे यात्रियों को लौटकर होटलों में शरण लेनी पड़ी। वहीं रोडवेज की बसों में सवार यात्रियों को प्रशासन ने पंचमुखी धर्मशाला में बनाए गए राहत कैंप में ठहराकर उन्हें खाने-पीने की व्यवस्था मुहैया कराई।
रोडवेज को तीन लाख का नुकसान
चंपावत/लोहाघाट। दिनभर हुई मूसलाधार बारिश से सोमवार को रोडवेज की एक भी बस का संचालन नहीं हुआ। एजीएम नरेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि सामान्य दिनों में रोडवेज की 16 बसों का संचालन होता था। इनमें देहरादून चार, दिल्ली पांच, हल्द्वानी दो और बरेली, नैनीताल, काशीपुर, ऋषिकेश और गुरुग्राम एक-एक बस चलाई जाती है। सोमवार को इनमें से एक भी बस नहीं चली। इसके चलते रोडवेज को तीन लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है।