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पम्दा गांव के सूखे नलों से टपका पानी, ग्रामीणों ने जताई खुशी

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बाराकोट के पम्दा गांव के नलों में पानी आने के बाद बर्तन लेकर पानी भरती महिलाएं। - फोटो : LOHAGHAT
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टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि देवी धाम की क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को मेला शुरू होने से पूर्व 28 फरवरी तक ठीक कर लिया जाएगा। मंगलवार को जल संस्थान के अधिकारियों और मंदिर समिति के पदाधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण के बाद विभाग ने ये दावा किया। मां पूर्णागिरि धाम का मेला होली बाद 19 मार्च से शुरू होने की संभावना है।
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पिछले साल अक्तूबर में आई भारी बारिश से पूर्णागिरि धाम की ज्यादातर पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इस कारण पूर्णागिरि धाम और पूर्णागिरि क्षेत्र के आसपास रहने वाले लोगों को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ा है। मंदिर समिति पेयजल संकट को दूर करने के लिए लगातार आवाज उठाता रहा। अलबत्ता अब इस दिशा में उम्मीद जगी है।
मंगलवार को जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता हेमंत फुलारा और मां पूर्णागिरि मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी, पंडित सुरेश तिवारी आदि ने क्षतिग्रस्त पेयजल योजना वाले क्षेत्र का मुआयना किया। अभियंता ने बताया कि लाइनों को जबर्दस्त नुकसान हुआ है लेकिन दिनरात काम कर 28 फरवरी तक लाइनों को ठीक करा लिया जाएगा।
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ढाई साल बाद भी मां पूर्णागिरि धाम में शुरू नहीं हुआ काम
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम के लिए 2019 में मुख्यमंत्री द्वारा घोषित पेयजल योजना का काम अब भी शुरू नहीं हो सका है। निविदा की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। धाम में हर साल 30 लाख से अधिक श्रद्धालु शीश नवाते हैं लेकिन उन्हें पेयजल की परेशानी से जूझना पड़ता है। इसके मद्देनजर 2019 में मां पूर्णागिरि धाम (गुरुत्व) पेयजल योजना का सीएम ने एलान किया। राज्य सेक्टर कार्यक्रम के अंतर्गत 397.08 लाख रुपये से निर्मित होने वाली इस योजना में काम शुरू होना तो दूर, अभी निविदा प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो सकी है। योजना के पूरा होने से पूर्णागिरि धाम आने वाले तीर्थ यात्रियों के अलावा क्षेत्र को लाभ होगा।
सूखे नलों से टपका पानी, ग्रामीणों ने जताई खुशी
लोहाघाट (चंपावत)। अक्तूबर में हुई बारिश में क्षतिग्रस्त बाराकोट ब्लाक के पम्दा गांव की पेयजल योजना चालू हो गई है। लड़ीधूरा शैक्षिक एवं सांस्कृतिक मंच अध्यक्ष नगेंद्र जोशी ने बताया कि पेयजल योजना क्षतिग्रस्त होने से करीब तीन माह से गांव के लोग पेयजल समस्या झेल रहे थे। कई बार जल संस्थान के अधिकारियों को लिखित और मौखिक रुप से इसकी शिकायत की थी, लेकिन किसी ने भी इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। इस पर लोगों ने एसडीएम के बाद डीएम से तक इसकी शिकायत की। अंत में लोगों ने जल संस्थान का पुतला दहन करने का निर्णय लिया तो प्रशासन हरकत में आया। मंगलवार को लोगों के नलों में पानी आने पर पूर्व सैनिक गिरीश चंद्र जोशी, उपप्रधान नवल किशोर जोशी, देवकी देवी, अंकित जोशी, मीना जोशी, गोदावरी देवी आदि ने प्रशासन व कार्यदायी संस्था का आभार जताया।
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