सुंई बिशुंग के वायुरथ महोत्सव में माँ भगवती के गुप्त प्यौले को मंदिर की ओर ले जाते माँ भगवती के वा?
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लोहाघाट (चंपावत)। कोरोना के बीच पांच गांव सुंई और बीस गांव बिशुंग का प्रसिद्ध पांच दिवसीय आसाड़ी वायुरथ महोत्सव प्रतीकात्मक रूप से शुरू हो गया हैं। कोरोना को देखते हुए शासन प्रशासन के निर्देशों के तहत परंपरा को निभाते हुए केवल देवडांगरों और मां भगवती के सेवकों ने मां के गुप्त प्यौले को आदित्य महादेव मंदिर से लाया गया।
बुधवार को देव डांगर मस्टा मंडाली और बुड़चौड़ा से देव अस्त्र लाए। इस दौरान मां भगवती के वाहक हीराबल्लभ जोशी मां के गुप्त प्यौले को सिर में रखकर भगवती मंदिर से आदित्य महादेव मंदिर लाए। महोत्सव समिति के अध्यक्ष श्याम चौबे, मुख्य संरक्षक सचिन जोशी ने बताया कि कोरोना को देखते हुए प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए इस साल महोत्सव के सारे कार्यक्रम स्थगित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के दिन तक मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। महोत्सव के दौरान कोरोना नियमों का पालन करते हुए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। देवडांगर कैलाश पुजारी, प्रकाश पुजारी, दीवान सिंह ढेक, दिनेश ढेक, तारा दत्त, दीपक माहरा आदि ने आशीर्वाद दिया। इस मौके पर सचिन जोशी, भुवन चौबे, सुनील चौबे, गौरव पांडेय, बृजेश माहरा, राकेश करायत, गिरीश करायत आदि आयोजन में जुटे हुए हैं।