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निजीकरण के विरोध में बैंक कर्मियों की दो दिनी हड़ताल शुरू

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चंपावत में हड़ताल के दौरान नारेबाजी कर विरोध जताते बैंक कर्मी। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत/लोहाघाट/टनकपुर। सरकारी बैंकों के निजीकरण के विरोध में एसबीआई, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक कर्मियों की दो दिनी हड़ताल शुरू हो गई है। बैंक कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। हड़ताल के चलते लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। बैंकों की दो दिनी हड़ताल के पहले दिन जिले के 39 से अधिक बैंक शाखाओं में करीब 71 लाख रुपये का लेन देन प्रभावित हुआ। लीड बैंक अधिकारी प्रवीण गर्ब्याल ने बताया कि हड़ताल के कारण लोगों की एटीएम में निर्भरता बढ़ गई है।
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बृहस्पतिवार को बैंक कर्मियों ने सरकारी बैंकों के निजीकरण करने के विरोध में हड़ताल की। चंपावत में विरोध प्रदर्शन में यज्ञेश खोलिया, कमल राम, अनिल नग्न्याल, ललित कुमार सिंह, धीरज सुयाल, मुकेश जोशी आदि शामिल रहे। लोहाघाट में बैंक कर्मियों का कहना था कि सरकारी बैंकों के निजीकरण से जहां एक ओर आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा, वहीं बैंक कर्मियों की नौकरियों पर भी इसका असर पड़ेगा। बैंक कर्मियों ने निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान दूर दराज क्षेत्रों से बैंक में लेन देन के लिए आए लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बैंक बंद होने से उनके धन व समय की बर्बादी होने के चलते वह निराश होकर लौटे। प्रदर्शन करने वालों में एसबीआई बैंक कर्मी मनोहर गोस्वामी, मथुरा दत्त तिवारी, बीएस अधिकारी, जयदेव आदि शामिल थे।
टनकपुर में बैंक कर्मचारी यूनियन के नेता एनडी चिलकोटी का कहना है कि बैंकों के निजीकरण का कर्मचारियों पर ही नहीं आम ग्राहकों के हित भी प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि उनकी मांग पर सरकार ने अमल नहीं किया तो सभी बैंकों के कर्मचारी संगठन एकजुट होकर योजनाबद्ध तरीके से आंदोलन करेंगे।
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