टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम की 13 सालों से दरक रही पहाड़ी का उपचार अब जल्द शुरू होने के आसार हैं। विश्व बैंक की हल्द्वानी डिविजन को काम हस्तांतरित होने के बाद विभाग ने काम शुरू करवाने की रफ्तार बढ़ा दी है। विभाग ने 30 अगस्त को टेंडर आमंत्रित किए हैं, जो 10 सितंबर को खुलेंगे।
सालों से दरक रही पहाड़ी से मां पूर्णागिरि धाम के मुख्य मंदिर पर खतरा मंडरा रहा है। पहाड़ी में 2008 से कई जगह पांच इंच तक चौड़ी दरार पड़ी हैं।
शासन-प्रशासन के स्तर से पहाड़ी की सुरक्षा की कवायद भी चल रही है, लेकिन 13 सालों से सुरक्षा का काम कार्यदायी एजेंसी की अदला-बदली में ही उलझा रहा। अब विश्व बैंक को कार्यदायी विभाग बनाया गया है। इसमें में भी पहले विश्व बैंक के बेड़ीनाग खंड को काम सौंपा गया था, जो अब हल्द्वानी खंड को सौंपा गया है। इसके बाद सुरक्षा कार्य शुरू कराने की रफ्तार में तेजी आ रही है।
बताया गया कि सारी औपचारिक कार्रवाई पूरी करने के बाद कार्यदायी विभाग ने अब दो दिन बाद यानि 30 अगस्त को टेंडर आमंत्रित किए हैं, जो 10 सितंबर को खोले जाएंगे। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद कार्यदायी विभाग की टीम ने टेंडर आमंत्रित करने से पूर्व पिछले दिनों पहाड़ी का निरीक्षण भी किया है। विभाग के ईई पीसी जोशी के मुताबिक टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पहाड़ी की सुरक्षा का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।