मां पूर्णागिरि धाम में भैरव मंदिर में पार्क की गई श्रद्धालुओं की कारें। संवाद न्यूज एजेंसी
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पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। श्रद्धालुओं को सुविधा देने के बजाय बेवजह परेशान करने पर तुला मेला प्रशासन आखिरकार बैकफुट पर आया। पुलिस, प्रशासन ने उत्तरप्रदेश सहित अन्य राज्यों से आए श्रद्धालुओं के निजी कार और अन्य छोटे वाहनों को रविवार और सोमवार को ठुलीगाड़ से आगे नहीं जाने दिया। अमर उजाला में मंगलवार को प्रमुखता से ठुलीगाड़ से पैदल जा रहे श्रद्धालु शीर्षक से खबर छपी तो प्रशासन हरकत में आया और आननफानन उसने श्रद्धालुओं के निजी वाहनों को आगे जाने की इजाजत दे दी। अब सुबह पांच बजे से रात आठ बजे तक श्रद्धालुओं के वाहनों को ठुलीगाड़ से आगे भैरव मंदिर तक जाने की अनुमति होगी। इसी के साथ इन वाहनों का मंगलवार से संचालन भी शुरू हो गया है।
दो दिनों से निजी कार और अन्य छोटे वाहनों से आने वाले श्रद्धालुओं को ठुलीगाड़ पर रोक दिया गया जबकि इन वाहनों से भैरव मंदिर पर पार्क करने का शुल्क भी वसूल लिया गया लेकिन पुलिस ने वाहनों को ठुलीगाड़ के पास टनकपुर-जौलजीबी रोड पर खड़ा करवा दिया। नतीजा यह हुआ कि ठुलीगाड़ से सात किमी दूर भैरव मंदिर तक इन श्रद्धालुओं को या तो पैदल जाना पड़ा या किराये की टैक्सी से जाना पड़ा। परेशानहाल श्रद्धालुओं ने इसे लेकर आपत्ति भी जताई।
मंगलवार को हुई मेला प्रशासन, पुलिस और मंदिर समिति की बैठक के बाद अब यह तय हुआ कि श्रद्धालुओं की निजी कार को भैरव मंदिर तक भेजा जाएगा। भैरव मंदिर क्षेत्र में करीब 300 कारों की पार्किंग की क्षमता होने से एक साथ 300 कारों को ही भेजा जाएगा। मेला मजिस्ट्रेट हिमांशु कफल्टिया ने बताया कि श्रद्धालुओं की कार सुबह पांच बजे से रात आठ बजे तक ठुलीगाड़ से भैरव मंदिर तक जा सकेंगी। मंदिर समिति अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी ने कहा कि इस निर्णय से श्रद्धालुओं की परेशानी कम होगी। व्यापार भी बढ़ेगा। बैठक में सीओ अविनाश वर्मा, ठुलीगाड़ के एसओ देवेंद्र मनराल, भैरव मंदिर के एसओ हरीश प्रसाद, समिति के उपाध्यक्ष नीरज पांडेय, पंडित मोहन पांडेय, सुभाष पांडेय, प्रकाश पांडेय, प्रेम तिवारी आदि थे।