बड़ोली गांव में बाघ के खतरे के बीच गश्त करते ग्रामीण। संवाद न्यूज एजेंसी
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चंपावत। यहां से 30 किमी दूर बड़ोली गांव के पड़गातोला तोक में चारापत्ती लेने जंगल गई एक महिला बाघ दिखने पर अचेत हो गई। महिला को किसी तरह बचाया जा सका। साथ गई दूसरी महिला ने घटना की जानकारी दी। इसके बाद वन विभाग की टीम उप वन क्षेत्राधिकारी बीआर टम्टा के नेतृत्व में मौके पर पहुंची।
डीएफओ आरसी कांडपाल ने बताया कि ग्रामीण सतीश चंद्र ने पड़गातोला तोक में बाघ दिखने की सूचना आपदा नियंत्रण कक्ष को दी। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दी। डिप्टी रेंजर टम्टा ने ग्रामीणों से वार्ता के बाद बताया कि कलावती देवी और दुर्गा देवी रविवार को पड़गातोला के जंगल में चार पत्ती लेने गई थी।
तभी नजदीक से बाघ देख सदमे में आकर कलावती देवी बेहोश हो गई। साथ गई दुर्गा देवी ने गांव के लोगों को बताया तो बेहोश महिला को घर लाया गया। गांव में ही प्राथमिक इलाज के बाद कलावती अब ठीक है।
नघान में भी दहशत बरकरार
चंपावत। चंपावत के पास नघान क्षेत्र के रिखवाड़ी जंगल क्षेत्र में 31 जनवरी को चंचला देवी को मारने वाले वन्यजीव का पता नहीं चल सका है। फिलहाल ज्यादातर वन कर्मियों की चुनाव ड्यूटी लगने से गश्त प्रभावित हुई। दो हफ्ते बीतने के बावजूद क्षेत्र में लोग अभी भी दहशत में हैं और जंगल जाने से बच रहे हैं। वन विभाग ने पिंजरा और ट्रैप कैमरे लगाए हैं, लेकिन वन्यजीव बाघ है या तेंदुआ, इसका पता तक नहीं चल सका है। डीएफओ आरसी कांडपाल का कहना है कि चुनाव के बाद फिर से सघन गश्त की जाएगी।