चंपावत। राजपथ पर 29 जनवरी को होने वाले बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम में कुमाऊंनी लोक गीत ...झन दिया बौज्यू छाना बिलौरी लागलौ बिलौरी को घाम... की धुन सुनाई देगी। पहली बार बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम में सेना के विभिन्न बैंडों की टुकड़ियों की ओर से कुमाऊं के प्रसिद्ध लोकगीत की धुन बजाई जाएगी।
झन दिया बौज्यू... गाना 60 के दशक में लखनऊ आकाशवाणी केंद्र में गायिका नीमा तिवारी ने गाया था, जिसका आकाशवाणी की ओर से उत्तरायण कार्यक्रम सहित अन्य कार्यक्रमों में प्रसारण किया जाता था। इस लोकगीत को तब काफी लोकप्रियता मिली थी। लोकगायक सुरेश राजन के अनुसार इस लोकगीत में एक बालिका अपने पिता से गुहार लगा रही है कि उसकी शादी अल्मोड़ा जिले के छाना बिलौरी क्षेत्र में इसलिए नहीं कराना, क्योंकि वहां धूप बहुत तेज होती है। अपने पिता से बेहद मार्मिक अंदाज में छाना बिलौरी में नहीं ब्याहने की मासूम अपील का असर ये रहा है कि यह लोकगीत बेहद लोकप्रिय हो गया।
पहले प्रधानमंत्री नेहरू का पसंदीदा लोकगीत था बेडू पाको...
चंपावत। देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू को कुमाऊंनी लोकगीत बेडू पाको बारा मासा, नरैण काफल पाको चैता... बहुत पसंद था। यह उनके सबसे पसंदीदा लोकगीतों में शामिल था। इतिहासकार देवेंद्र ओली के अनुसार 1955 में सोवियत संघ के कुछ बड़े नेताओं की मेहमाननवाजी के दौरान कुमाऊंनी लोकगायक मोहन उप्रेती ने तीन मूर्ति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में बेडू पाको गीत को पेश किया था। पंडित नेहरू ने गाने को काफी पसंद किया और लोकगायक मोहन उप्रेती को बेडू बॉय नाम दे दिया।