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एक कदम आगे खिसकी स्वास्थ्य विभाग के बीमार एंबुलेंसों की नीलामी प्रक्रिया

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चंपावत में नीलामी के इंतजार में खड़े सचल चिकित्सा वाहन। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। सचल अस्पताल वाहन, एंबुलेंसों सहित स्वास्थ्य विभाग के आठ वाहनों की नीलामी प्रक्रिया एक कदम आगे बढ़ गई है। इन वाहनों का तकनीकी परीक्षण पूरा करा लिया गया है। अब वाहनों के मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
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राष्ट्रीय सम विकास योजना से चलित शल्य चिकित्सालय एवं परीक्षण वाहन (मोबाइल वैन), दो एंबुलेंस सहित स्वास्थ्य विभाग के आठ वाहनों को नीलाम करने की प्रक्रिया पिछले साल सितंबर में शुरू की गई थी। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि नीलामी होने वाले वाहनों का परिवहन विभाग के फोरमैन की ओर से तकनीकी परीक्षण पूरा कर लिया गया है। अलबत्ता परिवहन विभाग की ओर से मूल्य निर्धारण किए जाने के बाद नीलामी की जाएगी। सीएमओ ने बताया कि विभाग के इन तमाम वाहनों की अवधि पूरी होने के साथ खराब हालत के चलते इन वाहनों की नीलामी प्रक्रिया शुरू कराई गई थी। इसी वित्त वर्ष में नीलामी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
नीलाम होने वाली एंबुलेंस से नहीं हुआ मरीजों को खास लाभ
चंपावत। स्वास्थ्य विभाग की नीलाम होने वाली एंबुलेंस और अन्य वाहन इन दिनों जंक खा रहे हैं। जिले को 2006 में 31.50 लाख रुपये से राष्ट्रीय सम विकास योजना से मिले शल्य चिकित्सालय एवं परीक्षण वाहन में एक्सरे, पैथोलॉजी जांच सहित तमाम सुविधाएं थीं। जिससे दस साल तक कुल 720 शिविर लगाए जाने थे, लेकिन मात्र 39 शिविर लग सके। दिसंबर 2010 से ये सेवा पूरी तरह बंद हो गई। इसी तरह जैन वीडियो ऑन व्हीकल सेवा भी अप्रैल 2016 से बंद है। आरोग्य सेवा और दो अन्य वाहन भी मरीजों के लिए खास मुफीद नहीं बन सके। चालक और वाहनों के रखरखाव के खर्च की व्यवस्था न होने के अलावा डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ की कमी से ये एंबुलेंस मरीजों के दर्द को दूर नहीं कर सके।
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