चंपावत। भारी बारिश के चलते रविवार सुबह 11 बजे से बंद टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग 24 घंटे बाद सोमवार को खुला। स्वांला और भारतोली के पास मलबा आने से एनएच बंद रहा। सोमवार सुबह 11:30 बजे के बाद टनकपुर से वाहनों का आवागमन शुरू हो सका। सड़क बंद होने से फंसे यात्रियों को टनकपुर और चंपावत के रैनबसेरे में ठहराया गया था। सोमवार को रोडवेज के लोहाघाट डिपो ने चार बस मैदान में और एक बस देवीधुरा तक संचालित की। पूर्णागिरि धाम के मुख्य मंदिर के लिए जाने वाले रास्ते में मलबा आने से दुश्वारी हो रहा है।
दूसरी ओर भारी बारिश से जिले की 33 ग्रामीण सड़कें मलबा आने से बंद है। इस वजह से 15 हजार से अधिक लोगों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है। भारी बारिश से गाद आने से क्वैराला पेयजल योजना की आपूर्ति बंद कर दी गई है। चंपावत शहर में पुरानी पेयजल लाइन से आपूर्ति करने से वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। पूर्णागिरि धाम, रीठा साहिब सहित कुछ क्षेत्रों में बिजली के तार टूटने से आपूर्ति बाधित हुई।
कहां कितनी हुई बारिश (मिमी में)
चंपावत 105
लोहाघाट 27
पाटी 48
बनबसा 39
चंपावत जिले की बंद 33 सड़कें
पुनाबे-सिप्टी-न्याड़ी, सूखीढांग-धूरा, धौन-दियूरी, रीठा-मीडार, सिप्टी-सिमाड़, ज्योश्यूड़ा-निलौटी, भिंगराड़ा-खरही, धौन-सल्ली, धौन-दिूयरी, चल्थी-नौलापानी, सिप्टी-अमकडिय़ा, बगौटी-डुंगरालेटी, स्याला-पोथ, बलूटा-पासम, बांकू-सुल्ला-पासम, अमोड़ी-छतकोट, ललुवापानी-बनलेख-नघान, एसएच 29-खटोली मल्ली, खटोली मल्ली-वैला, चमदेवल-निडिल, थुवामौनी-बासबंस्वाड़ी, कामाज्यूला-भनार, बाराकोट-मटियाल, दिगालीचौड़-अखिलतारिणी, पटनगांव-कजीना, चिलिया-पुनौली, बाराकोट-काठरा, गल्लागांव-देवलीमाफी, सिमलखेत-सिब्योली, पनिया-रीठाखाल, टाकखंदक-बालातड़ी, रीठा साहिब-रमक और कुलियालगांव-साल सड़क।