चंपावत। जिले में आरटीई के तहत अब तक 342 बच्चों को ही एडमिशन मिला है। आरटीई के तहत अध्ययनरत विद्यार्थियों को सरकार निशुल्क पढ़ा रही है। बावजूद इसके आरटीई के बच्चों का अभी तक कोरम पूरा नहीं हुआ है। आरटीई के तहत 623 बच्चों के सापेक्ष 350 ही प्रवेश ले पाए हैं।
आरटीई के तहत दो बार आवेदन तिथि बढ़ाने के बावजूद एडमिशन नहीं बढ़ पाए। जिले में आरटीई के तहत कुल 350 बच्चों को प्रवेश दिया गया। इसमें से आठ बच्चों ने किसी कारण कक्षाओं में प्रवेश नहीं लिया। वर्ष 2024-25 में आरटीई के बच्चों की संख्या कक्षा एक में 342 है। आरटीई के तहत निशुल्क पढ़ाई होने के बावजूद अभिभावकों की ओर से इसकी प्रक्रिया को जटिल समझकर आवेदन से दूरी बनाई जा रही है इस वजह से वर्ष दर वर्ष आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले बच्चों की संख्या लगातार घटती जा रही है। विगत चार वर्षों में यह संख्या घटी है। इस वर्ष भी 623 में से 342 बच्चों ने ही प्रवेश लिया है। शिक्षा विभाग की मानें तो निजी विद्यालयों के करीबी वार्डों में बच्चों के नहीं मिलने से भी यह स्थिति पैदा हुई है।
जिला समन्वयक समग्र शिक्षा अभियान जसवंत सिंह पोखरिया ने बताया कि आरटीई के तहत गरीब तबके के बच्चों का चयन राज्य सरकार की ओर से जारी लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है। प्रत्येक वर्ष आरटीई में प्रवेश के लिए सीटों की संख्या पोर्टल में दर्ज की जाती हैं।