चंपावत। जिला मुख्यालय की नगर पालिका परिषद की ओर से बीते दस सालों में भी सीवर लाइन का निर्माण नहीं कराया जा सका है। वर्ष 1997 में जिला बना और वर्ष 2000 में अलग राज्य की स्थापना हुई लेकिन यहां सीवर लाइन की समस्या हल नहीं हो सकी। अब तक किसी भी राजनीतिक दल की ओर से सीवर लाइन को मुद्दा नहीं बनाया गया है। जिला मुख्यालय में भवनों के लगातार विस्तार के बाद भी पालिका की ओर से सीवर लाइन का प्रस्ताव तैयार नहीं किया गया है। लोगों का मानना है कि जिला बनने के 21 साल बाद और पालिका बनने के दस साल बाद भी सीवर लाइन नहीं होना सरकारों की काहिली को दिखाता है।
जिला मुख्यालय में नगर पालिका बनने के बाद भी सीवर लाइन किसी भी राजनीतिक दल की ओर से प्रमुख मुद्दा नहीं है। भविष्य में सीवर लाइन नहीं होने से जिला मुख्यालय के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। - अबरार हुसैन, व्यापारी।
जिला मुख्यालय में सीवर लाइन ज्वलंत मसला है, लेकिन हैरत की बात है कि कोई भी राजनीतिक दल इस बारे में बात नहीं कर रहा है। सभी दलों को इस दिशा में कोई कार्रवाई करनी ही चाहिए। - सनी वर्मा, छात्र नेता।
चंपावत जिला कुमाऊं मंडल का प्रमुख पर्यटन स्थल है, लेकिन शासन प्रशासन की ओर से यहां सीवर लाइन के निर्माण की कोई भी कवायद नहीं की गई है। - मुक्तेश पचौली, शिक्षक।
अपने जिले में सीवर लाइन का निर्माण नहीं होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस बार लोगों को उसी प्रत्याशी को चुनना चाहिए जो सीवर लाइन बनाने का वादा करे। - कुंदन वर्मा, व्यापारी।