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मुंह देख कर मिल रही मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता

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चंपावत। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष की मंशा जरूरतमंद लोगों की मदद करना है, लेकिन जमीन पर इस राशि का दुरुपयोग भी हो रहा है। कई जगह मुंह देखकर ये राशि बंट रही है। चंपावत तहसील में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें भाजपा से जुड़े एक वरिष्ठ नेताजी, जो इस वक्त ग्राम प्रधान भी हैं, को सीएम कोष से 75 हजार रुपये की रकम दे दी गई है, जबकि उनके अलावा किसी अन्य को आठ हजार रुपये से ज्यादा नहीं मिले हैं।
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चंपावत तहसील में 47 लोगों को 2.19 लाख रुपये दिए गए हैं, जबकि अकेले एक व्यक्ति को 75 हजार रुपये मिले हैं। सीएम राहत कोष का मकसद गरीब और जरूरतमंद लोगों को आर्थिक सहायता पहुंचाना है। आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के इलाज और गरीब बेटियों की शादी के लिए भी कोष से मदद दी जाती है, लेकिन यहां नियमों को ताक पर रखते हुए इस कोष से आर्थिक रूप से मजबूत भाजपा नेता को कोरोना के इलाज के लिए 75 हजार रुपये की सहायता दे दी। राहत कोष से एक ही परिवार के चार लोगों को भी आठ-आठ हजार रुपये की सहायता दी गई है। भाजपा नेता का कहना है कि कोरोना से संक्रमित होने पर उनका चंपावत के एक निजी अस्पताल में इलाज हुआ। इसमें खर्च एक लाख रुपये से अधिक आया, लेकिन राहत कोष से 75 हजार ही मिले हैं। वहीं तहसीलदार ज्योति धपवाल का कहना है कि सीएम राहत कोष की राशि में कोई गड़बड़ी नहीं है। ये रकम मानकों के हिसाब से जारी की गई है।
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