चंपावत के बाजरीकोट के सरपंच राजेंद्र सिंह भंडारी को मिला सम्मान। संवाद
चंपावत। जल, जंगल और जमीन के नारे के बीच जंगल बचाने का जमीन पर काम करने वाले बाजरीकोट वन पंचायत के सरपंच राजेंद्र सिंह भंडारी को इस बार गणतंत्र दिवस पर सम्मानित किया गया। वन अपराध नियंत्रण और वनाग्नि सुरक्षा के लिए देहरादून में उन्हें प्रमुख वन संरक्षक अनूप मलिक ने प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया।
खाली पड़ी जमीन पर पौधे लगाना, उनकी देखभाल करना और उन्हें बड़ा होता देखना सरपंच भंडारी के जीवन का ध्येय है। वह पेड़-पौधों की परवरिश परिवार के सदस्य की तरह करते हैं। उनकी इसी लगन का नतीजा है कि बाजरीकोट क्षेत्र के जंगलों को हराभरा कर उन्होंने इस क्षेत्र की तस्वीर ही बदल दी है। पौधों को बचाने का उनका जुनून इस कदर है कि न केवल लोगों को शपथ दिलाते हैं बल्कि बड़े-बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर पेड़ों की हिफाजत के लिए आशीर्वाद मांगते हैं।
सरपंच राजेंद्र सिंह भंडारी अपनी वन पंचायत के आठ वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले जंगल में वर्ष 2008 से अब तक पांच हजार से ज्यादा पौधे लगा चुके हैं। पांच साल तक उन्होंने बगैर किसी पद के बाजरीकोट वन पंचायत की देखभाल की। हरे पेड़ों को काटने से रोकने के साथ ही पत्तियों को तोड़ने वालों को ऐसा करने से रोकने की मुहिम चलाई।
कोट
बाजरीकोट के सरपंच राजेंद्र सिंह भंडारी का पेड़ों के प्रति लगाव न केवल हरियाली को बचाने में मददगार है बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है। विभाग की ओर से उन्हेंं लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। - आरसी कांडपाल, डीएफओ, चंपावत।