चंपावत जिले के कठौल गांव में बनेगा ग्रामीण पर्यटन केंद्र। संवाद
चंपावत। जिले के चल्थी के पास कठौल गांव को ग्रामीण पर्यटन केंद्र (रूरल टूरिज्म सेंटर) के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए पर्यटन विकास विभाग की ओर से डीपीआर तैयार की जा रही है।
प्रथम चरण में कठौल गांव को जोड़ने के लिए सड़क का निर्माण और झूला पुल का निर्माण कराया जाएगा। प्रस्तावित ग्रामीण पर्यटन केंद्र में नेचर गाइड सहित विभिन्न साहसिक खेलों के प्रशिक्षण की व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा पर्यटन केंद्र को आदर्श केंद्र के रूप में विकसित कर पर्यटकों को गांव के दीदार कराए जाएंगे।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ के अनुसार वर्तमान में जिले में ईको पर्यटन को बढ़ाए जाने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इसके तहत स्वदेश दर्शन 2.0 के अंतर्गत प्रथम चरण में चंपावत टी गार्डन सिलिंगटाक को इको टूरिज्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। योजना के तहत कठौल गांव को ग्रामीण पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। संवाद
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हर्बल गार्डन को बनाया जाएगा बोटेनिकल गार्डन
चंपावत। जिले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के तहत टनकपुर के ठूलीगाड़ स्थित हर्बल गार्डन को बोटेनिकल गार्डन के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिले में स्थापित नंधौर वन्यजीव अभयारण्य के तहत ककराली गेट के पास इको होम स्टे भी विकसित किए जाएंगे। संवाद
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चंपावत जिले के कठौल गांव में पर्यटकों की सुविधा के लिए लिए ग्रामीण पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा। इसके अलावा वन विभाग की ओर से सड़क, झूला पुल और तारबाड़ भी प्रस्तावित किए गए हैं। - अरविंद गौड़, जिला पर्यटन विकास अधिकारी, चंपावत।