चंपावत। ऑलवेदर सड़क पर डेंजर जोन के चलते यातायात धीरे-धीरे सुचारु होने लगा है, लेकिन रोडवेज की व्यवस्था अभी भी पटरी पर नहीं आ पाई है।
ऑलवेदर सड़क पर डेंजर जाने के कारण सुबह नौ से शाम पांच बजे तक वाहनों के संचालन की अनुमति है। लोहाघाट रोडवेज के लिए समय की पाबंदी के कारण नियमित रूप से 15 बसों का संचालन कर पाना संभव नहीं हो रहा है। लोहाघाट रोडवेज डिपो वर्तमान में दिल्ली, देहरादून के लिए पांच बसों का संचालन कर रहा है। इसके अलावा अन्य बसों का संचालन टनकपुर से किया जा रहा है। टनकपुर की तरफ से चंपावत के लिए आठ बजे से आवाजाही की अनुमति है।
दिल्ली, देहरादून और अन्य जगह से आने वाली बसें करीब 11 बजे तक चंपावत पहुंच रही हैं। ऐसे में लंबी दूरी तय कर वापस आने वाली बसों को कम समय में वर्कशॉप में जांच कर भेज पाना आसान नहीं है। जबकि सामान्य दिनों में रोडवेज की बसें चंपावत रोडवेज स्टेशन में सुबह साढ़े सात से आठ बजे तक पहुंच जाती हैं, लेकिन वर्तमान में स्वाला डेंजर जोन के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा है।
यात्री हो रहे परेशान
चंपावत। लोहाघाट डिपो की बसों का संचालन नियमित रूप से नहीं होने से यात्री परेशान हैं। यात्रियों को बस आसानी से नहीं मिल रही है। बसें सीमित होने के कारण सीट के लिए समय से सामान के साथ स्टेशन पहुंचना एक चुनौती बना हुआ है। सीट नहीं मिलने पर उन्हें टैक्सी वाहन में अधिक किराया देकर यात्रा करनी पड़ रही है।
कोट
टनकपुर से चंपावत की तरफ आवाजाही के लिए आठ बजे का समय निर्धारित है। समय की पाबंदी के चलते रोडवेज की बसों का संचालन पूर्व की भांति करना आसान नहीं हो रहा है। - धीरज वर्मा, प्रभारी, आरएम, लोहाघाट रोडवेज डिपो।