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स्वतंत्रता दिवस से संबंधित: सेनानी परिवार को नहीं मिलेगा आवास, ये बताने में लग गए साव दो साल

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सेनानी उमापति जोशी के पुत्र नवीन जोशी। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। देश को आजाद हुए 74 साल पूरे होने पर आजादी का अमृत महोत्सव शुरू हो गया है। इतने लंबे अंतराल बाद भी बाराकोट के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उमापति जोशी के परिजनों को कायदे की एक अदद छत नहीं मिल सकी है। और तो और आवास के लिए दिए गए आवेदन पर जांच भी सवा दो साल बाद हुई।
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बाराकोट के पम्दा गांव के उमापति जोशी ने अंग्रेजों के खिलाफ 1935 के बाद विद्रोह का बिगुल बताया था। कुमाऊं क्षेत्र में अंग्रेजों के कब्जे का विरोध किया। अंग्रेजी प्रशासन ने उमापति सहित कुछ अन्य लोगों को गिरफ्तार कर तीन महीने तक अल्मोड़ा जेल में रखा गया। लेकिन देश की आजादी में योगदान करने वाले सेनानी जोशी के बेटे नवीन जोशी को एक अदद आवास नहीं मिल सका है। सेनानी के बेटे ने मार्च 2019 में तत्कालीन संसदीय कार्य मंत्री से आवास के लिए आग्रह किया था। लेकिन आवास तो दूर इस आवेदन पर जांच ही इस साल 23 जून को हुई। जांच के बाद ब्लॉक कार्यालय ने उन्हें अपात्र बताया। बीडीओ एमपी कांडपाल ने बताया कि ग्राम विकास अधिकारी नारायण सिंह कार्की की रिपोर्ट के आधार पर नवीन जोशी को आवास योजना के लिए पात्र नहीं माना गया है। इसके चलते उनका आवेदन खारिज कर दिया गया है। इधर सेनानी के बेटे नवीन जोशी का कहना है कि वे कच्चे मकान में रह रहे हैं। आवास की लड़ाई को आगे भी लड़ेंगे। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उत्तराधिकारी संगठन के जिलाध्यक्ष महेश चौड़ाकोटी का कहना है कि पूरे मामले को संगठन शासन के सम्मुख उठाएगा।

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उमापति जोशी। (फाइल फोटो)- फोटो : CHAMPAWAT

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