लोहाघाट (चंपावत)। कोरोना की वजह से एक साल बाधित रहने के बाद इस बार लोहाघाट में भी रामलीला होगी। 121वें वर्ष में प्रवेश करने वाली इस लीला के मंचन के लिए कलाकारों की तालीम भी शुरू हो गई है। लीला का मंचन पहली नवरात्र से किया जाएगा। पहले की तरह ही महिला किरदारों की भूमिका महिलाएं ही करेंगी। सभी कलाकारों के लिए मंचन से पहले कोरोना का टीका लगाना अनिवार्य किया गया है।
श्रीराम सेवा रामलीला कमेटी के अध्यक्ष जीवन सिंह मेहता ने बताया कि रामलीला का आयोजन कोविड निर्देशों के अनुसार किया जाएगा। लीला में युवा कलाकारों की अधिकतम भागीदारी के प्रयास किए जा रहे हैं। इस वर्ष भी सीता, कौशल्या, सुमित्रा, कैकई, भिलनी, मंथरा, सुनैना, सुलोचना आदि महिला पात्रों की भूमिका महिलाएं ही करेंगी। रविवार को कलाकारों के वस्त्र सुखाकर उनका सही ढंग से रखरखाव किया गया। इस मौके पर मुकेश साह, कैलाश बगौली, प्रकाश राय, पप्पू वर्मा, हेमंत पांडेय, पारस जुकरिया, नवीन बोहरा, संदीप आदि थे।
पालिका और टकाना में रामलीला मंचन की तैयारियां तेज
पिथौरागढ़। रामलीला मैदान सदर और टकाना में रामलीला मंचन की तैयारियां तेज हो गई है। कलाकारों को तालीम दी जा रही है। शनिवार रात टकाना रामलीला में पूर्व पालिकाध्यक्ष जगत सिंह खाती पात्रों का उत्साहवर्धन के लिए तालीम में शामिल हुए।
उन्होंने सभी को रामलीला में शानदार अभिनय करने के लिए प्रेरित किया। इस बार राम की भूमिका में लोकेश जोशी और हनुमान की भूमिका में दीपक तिवारी नजर आएंगे। कमेटी के अध्यक्ष चंद्रशेखर महर और सचिव एमएल वर्मा ने बताया कोविड गाइडलाइन के साथ पहली नवरात्र से रामलीला का मंचन किया जाएगा। रामलीला मंचन का निर्देशन योगेश पांडेय, यशवंत महर कर रहे हैं। संगीत में केदार भट्ट, दिनेश उपाध्याय, तबला वादन में भुवन पांडेय हैं।