चंपावत में राखी बाजार में खरीदारों की भीड़। फोटो: संवाद न्यूज एजेंसी
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चंपावत। घरों की देहरियों को खूबसूरत बनाने वाली ऐपण अब कलाई में भी चार चांद लगा रही है। ऑनलाइन बिकने वाली ऐपण वालीं राखियों की मांग देहरादून, कर्नाटक, राजस्थान के कई हिस्सों के अलावा यूएसए के बोस्टन तक है।
पीजी में कला विषय से स्वर्ण पदक विजेता लोहाघाट की कुंजिका वर्मा ने 2017 से ऐपण वाली राखी बनाना शुरू किया, लेकिन पिछले साल से ये राखी लोकप्रिय हुई और पांच हजार ऑर्डर मिले। इस बार देर से काम शुरू करने के बावजूद डेढ़ हजार ऑर्डर मिल चुके हैं।
फेसबुक पेज कुंज आर्ट्स वर्क्स के अलावा व्हाट्सएप के जरिये इन राखियों को ऑनलाइन बेचा जा रहा है। इस बार बोस्टन से ऐपण राखी और ऐपण थाल का आदेश मिला। कुंजिका कुंज आर्ट्स वर्क यूट्यूब चैनल पर पेंटिंग कलाकृतियों के वीडियो अपलोड कर दूसरों को सिखा रही हैं। एडीएम टीएस मर्तोलिया ने कुंजिका की सराहना की है। संवाद
इस बार चीन वालीं राखियां गायब
चंपावत। रक्षाबंधन में मात्र एक दिन बाकी है। कोरोना काल के बावजूद राखी बाजार सजा है और खरीदारी भी हो रही है। इस बार चीन में बनीं राखियां बाजार से पूरी तरह गायब हैं। बाजार में दो रुपये से 600 रुपये तक की राखी उपलब्ध है।
व्यापारी भैरव जोशी ने बताया कि इस बार राखी की बिक्री में देर से तेजी आई है। अभी पिछले वर्षों की अपेक्षा कम बिक्री हुई है। नीता सक्टा, सुनील कुमार, गोपाल गड़कोटी कहते हैं कि कारोबार सुधर रहा है।