झूमते-गाते मां पूर्णागिरि धाम जा रहे शाहजहापुर से पहुंचे श्रद्धालु। संवाद न्यूज एजेंसी
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टनकपुर/पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। इन दिनों पूर्णागिरि धाम देवी के जयकारों से गूंज रहा है। हालांकि बीते कुछ दिनों से धाम में श्रद्धालुओं की आमद कम हो गई है। बृहस्पतिवार को सात हजार श्रद्धालुओं ने ही देवी के दर्शन किए। बृहस्पतिवार को शाहजहांपुर के कुछ श्रद्धालु झूमते-गाते मां के धाम पहुंचे। दल नायक कल्लू राठौर ने बताया कि कोरोना काल के दो सालों से पहले वे और उनकी टोली लगातार देवी दर्शन करते रहे। शाहजहांपुर से यहां पहुंचने में इस दल को तीन दिन लग गए।
मंदिर समिति ने लगाए दस स्थानों पर प्याऊ
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। पूर्णागिरि धाम में पेयजल व्यवस्था में सुधार हो रहा है। वहीं मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं के लिए मेला क्षेत्र में ककरालीगेट से ठुलीगाड़ तक दस जगह प्याऊ लगाए हैं। वहीं मेला मजिस्ट्रेट हिमांशु कफल्टिया ने मेला क्षेत्र का दौरा कर ओवर रेटिंग न करने के निर्देश दिए।
बनबसा के बंद शौचालय खुलवाएं
बनबसा (चंपावत)। पूर्णागिरि दर्शन के लिए आने-जाने वालों के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव होने के बावजूद बनबसा में सुविधाएं गायब है। यहां के सार्वजनिक शौचालय और मूत्रालय लंबे समय से बंद है। इस कारण श्रद्धालुओं को भारी दिक्कत हो रही है। क्षेत्र के लोगों ने थानाध्यक्ष के जरिए एसडीएम को ज्ञापन भेज इन्हें खुलवाने का आग्रह किया है। इसी तरह बनबसा में बने रैनबसेरे में श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने की मांग की गई है। ज्ञापन में भाजयुमो के पूर्व जिला उपाध्यक्ष कमलेश भट्ट, आरएम अंसारी, बीडीस दीपक चंद, उप प्रधान सौरभ चंद, देवेंद्र सिंह चौहान, प्रेमा ज्याला, देव सिंह चौहान, राजू सिंह चौहान, मनोज कालाकोटी आदि के हस्ताक्षर हैं।
दो बिछुड़े श्रद्धालुओं को परिजनों से मिलाया
बनबसा (चंपावत)। उत्तर प्रदेश से बुधवार को पूर्णागिरि दर्शन के लिए आए हरदोई के मनीष कुमार और लखीमपुर खीर के नितिन कुमार परिजनों से बिछड़ गए। पुलिस ने इन्हें तलाश कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया।