चंपावत/लोहाघाट। जिले के 236 सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता मानदेय के लिए पिछले सप्ताह से राशन नहीं बांट रहे हैं। शुक्रवार से चंपावत में गल्ला विक्रेताओं ने धरना शुरू कर दिया है। इससे गल्ला वितरण प्रभावित होने के साथ ही इस माह के पहले हफ्ते से शुरू होने वाला अन्न उत्सव कार्यक्रम के प्रभावित होने का अंदेशा है।
संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष भरत राम आर्य और जिलाध्यक्ष प्रकाश सिंह बोहरा के नेतृत्व में धरना स्थल में गल्ला विक्रेताओं ने मानदेय के बगैर किसी भी हाल में गल्ले की दुकान न चलाने की चेतावनी दी है। संगठन ने 30 हजार रुपये मासिक मानदेय न मिलने पर राशन का उठान न करने के साथ सामूहिक रूप से गल्ले की दुकान से सामूहिक त्यागपत्र का भी एलान किया।
पूर्ति निरीक्षक प्रकाश फर्त्याल ने बताया कि गल्ला विक्रेताओं की हड़ताल से बीपीएल कार्ड धारकों को मिलने वाले खाद्यान्न का भी उठान नहीं हो सका। पूरन सिंह रावत, प्रकाश जोशी, पुष्कर पांडे, पंकज, सीता देवी, श्याम सिंह आदि गल्ला विक्रेताओं ने धरना दिया।
वहीं पर्वतीय सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता कल्याण समिति की बाराकोट शाखा से जुड़े गल्ला विक्रेताओं ने ब्लॉक अध्यक्ष हरीश तिवारी के नेतृत्व में खाद्यान्न गोदाम परिसर में प्रदर्शन किया। इनमें बसंत सिंह अधिकारी, नमन जोशी, सुनील वर्मा, आन सिंह अधिकारी, रमेश पंत, कैलाश जोशी, कैलाश सिंह अधिकारी आदि थे।
एपीएल राशन पर सिर्फ 18 रुपये क्विंटल कमीशन
चंपावत। सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं को कोई मानदेय नहीं सिर्फ कमीशन मिलता है। गल्ला धारकों को एपीएल राशन पर प्रति क्विंटल 18 रुपये और अन्य श्रेणी के राशन पर 143 रुपये क्विंटल कमीशन देय है।
गल्ला विक्रेताओं का कहना है कि पहाड़ में कम मात्रा होने और सस्ते गल्ले की दुकान दूरदराज में होने से ढुलान पर ही काफी रकम खर्च हो जाती है। इससे उन्हें लाभ नहीं हो रहा है। चंपावत जिले में कुल 58154 राशनकार्ड धारकों में से 5801 अंत्योदय, 28774 राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना और 23579 राज्य खाद्य योजना के हैं।