तल्लादेश/चंपावत। जिला मुख्यालय से 21 किमी दूर राजकीय प्राथमिक विद्यालय आमडा का विद्यालय क्षतिग्रस्त हैं। लंबे समय से विद्यालय क्षतिग्रस्त होने से यहां अध्ययनरत बच्चों के लिए पढ़ाई करना मुश्किल है। वर्ष 2005 में स्थापित विद्यालय आज जर्जर हाल है। छत से निर्माण सामग्री लगातार गिर रही है। ऐसे में यहां अध्ययनरत 10 बच्चों को अध्यापक कक्ष में पढ़ाई करनी पड़ती है।
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग किसी बड़े हादसा का इंतजार कर रहा है। स्थानीय सतीश सिंह ने बताया कि बारिश में विद्यालय के प्रत्येक भवन की छत टपकती है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित रहती है। डीईओ माध्यमिक और बेसिक पीएस जंगपांगी ने बताया कि विद्यालय के सुधारीकरण का प्रस्ताव तैयार कर खनन न्यास निधि से इसका निर्माण किया जाएगा। सामाजिक कार्यकर्ता भुवन सिंह बिष्ट का कहना है कि शासन-प्रशासन को जर्जर हाल विद्यालय के जानकारी दे दी गई है। आज तक विद्यालय का सुधारीकरण नहीं किया गया है। बारिश में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। संवाद