सेना छावनी स्थित जवानों और अधिकारियों के साथ राज्यपाल। संवाद
बनबसा (चंपावत)। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) रविवार को बनबसा पहुंचे। उन्होंने बनबसा एसएसबी कैंप और सेना छावनी स्थित सेना के जवानों से मुलाकात कर उनकी हौसला आफजाई की। भारत-नेपाल सीमा स्थित मैत्री द्वार पर पूर्व सैनिकों से भी मिले। उन्होंने सेना, एसएसबी जवानों और पूर्व सैनिकों से कहा कि वे ईश्वर से अगले जन्म में भी सैनिक बन देश सेवा करने का आशीर्वाद मांगते हैं।
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) सपरिवार बनबसा पहुंचे। उन्होंने सीमा सुरक्षा संबंध में कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। एसएसबी के नए प्रशिक्षु जवानों को कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी दीं। इससे पहले एसएसबी कैंप में 57 वीं वाहनी के कमांडेंट मनोहर लाल ने उनका स्वागत किया। इस दौरान राज्यपाल ने एक पौधा भी रोपा। राज्यपाल बनबसा सेना छावनी स्थित 26 राजपूत रेजीमेंट पहुंचे जहां उन्होंने सैनिक सम्मेलन में सैनिकों का हौसला बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि सैनिकों को विषम परिस्थितियों में काम करने का हौसला दैविक शक्तियों और उनके राष्ट्रप्रेम से ही मिलता है। कर्नल आकाश कपाड़िया ने उन्हें यूनिट की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट किया।
एक बाबा के चमत्कार व्यक्तित्व से हैं प्रभावित
बनबसा (चंपावत)। मैं अपने जीवन में बनबसा को कभी नहीं भूल सकता। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने बताया कि वे वर्ष 1996 से 1999 तक बनबसा में कर्नल के पद पर रहें। बनबसा में एक बाबा मिले थे, जिन्होंने उन्हें ले. जनरल बनने का आशीर्वाद दिया था और यह बात बाद में सच साबित हुई। संवाद