प्रभारी रेंजर जीएस धर्मसत्तू के समक्ष खुद को बेकसूर बताते उचौलीगोठ ग्राम प्रधान के आरोपी पति गण?
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टनकपुर (चंपावत)। खैर के नौ पेड़ काटने के मामले में आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद अब वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम सीसी टीवी कैमरे खंगालकर तस्करों की ओर से ठिकाने लगाई गई लकड़ी का सुराग लगाने में जुट गई है। शुक्रवार को पिथौरागढ़ चुंगी से लेकर बनबसा तक के सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली गई है।
हल्द्वानी वन प्रभाग के शारदा रेंज के बरमदेव बीट में तस्करों ने छह जुलाई की रात खैर के नौ पेड़ काटकर लकड़ी ठिकाने लगा दी। काटे गए पेड़ों की कुछ लकड़ी सितारंगज में पकड़ी गई है, लेकिन शेष लकड़ी कहां पहुंचाई गई है इसका अब तक सुराग नहीं लग पाया है। उप प्रभागीय वनाधिकारी आर के मौर्य ने बताया कि आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने बाद वन विभाग और पुलिस की टीम सीसी कैमरे खंगालकर यह पता लगाने में जुटी है कि ठिकाने लगाई गई लकड़ी को तस्कर किस वाहन से ले गए थे।
ग्रामीणों को भी झूठे केस में फंसाने का आरोप
टनकपुर। खैर के पेड़ काटने के मामले में आरोपी बनाए गए उचौलीगोठ ग्राम प्रधान के पति गणेश सिंह महर ने खुद को बेकसूर बताते हुए वन विभाग पर उन्हें झूठे केस में फंसाने का आरोप लगाया है। शुक्रवार को आरोपी गणेश ग्रामीणों के साथ शारदा रेंज कार्यालय पहुंचे। जहां उसने प्रभारी रेंजर जीएस धर्मसत्तू के समक्ष खुद को और आरोपी बनाए गए अन्य ग्रामीणों को बेकसूर बताते केस वापस लेने की मांग की। आरोपी गणेश का कहना था कि वे गांव से लगे जंगल के संरक्षण में योगदान देते हैं, लेकिन विभाग ने गांव के ही लोगों के खिलाफ पेड़ काटने का झूठा केस दर्ज कराया है। बता दें कि खैर के पेड़ काटने के मामले में विभाग की ओर से ग्राम प्रधान पति समेत आठ लोगों को नामजद किया गया है। जिनमें पांच लोग उचौलीगोठ के निवासी है। जबकि तीन खटीमा, न्यूरिया व अमरिया के रहने वाले हैं। (संवाद)