रोडवेज बस स्टेशन बनने के बावजूद मुसाफिरों की परेशानी कम नहीं हो रही है। बसों के पैक आने से मैदानी क्षेत्र को जाने वाले यात्रियों को समस्या झेलनी पड़ रही है। रविवार को कई मुसाफिरों को बस में सीट मिलना तो दूर खड़े होने के लिए भी जगह पाने को दो से तीन घंटे तक पापड़ बेलने पड़े।
कुमाऊं में रोडवेज के दो मंडलीय कार्यालयों से एक जिले के मैदानी क्षेत्र टनकपुर में है। इसके अंतर्गत तीन डिपो (टनकपुर, लोहाघाट व पिथौरागढ़) हैं। इसके बावजूद जिला मुख्यालय के यात्रियों को आवाजाही के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है।
महेंद्र कुमार, नाथू सिंह, सतीश पांडेय, बृजेश सिंह, ममता देवी सहित कई यात्री पीलीभीत, बरेली, दिल्ली, गुरुग्राम, हरिद्वार जाने के लिए बसों में एक अदद सीट के लिए तरसते रहे। हर बस के आने पर यात्री बस की ओर दौड़ लगाते लेकिन फिर खचाखच भरी बस को देख मायूस लौट आते। ये स्थिति कई बार हुई।
स्टेशन में बसों की जानकारी देने के लिए पूछताछ कक्ष में कोई कर्मी भी मौजूद नहीं था। इधर लोहाघाट डिपो के वरिष्ठ स्टेशन प्रभारी बीसी आर्या का कहना है कि डिपो की 14 बसें विभिन्न रूटों पर संचालित की गईं लेकिन लोहाघाट से ही बस पैक होने से समस्या हो रही है।
स्टेशन गेट में वाहन खड़ा होने से फंसी बस
चंपावत। रोडवेज स्टेशन में दो गेट हैं। टनकपुर की तरफ वाले गेट में अनधिकृत वाहनों को रोकने के लिए रस्सा लगाया है। वहीं पिथौरागढ़ रूट वाला स्टेशन का गेट हर वक्त खुला रहता है। रविवार को इस गेट के बीच में एक वाहन खड़ा किए जाने से चंपावत आ रही रोडवेज बस को करीब 10 मिनट तक रोड पर खड़ा रहना पड़ा।
टैक्सी वाले ले रहे मनमाने दाम
चंपावत। बसों की कमी से यात्रियों की तो मुसीबत बढ़ ही रही है लेकिन टैक्सी संचालकों की मौज हो रही है। कई टैक्सी संचालक निर्धारित किराये से दोगुनी रकम किराये के रूप में वसूल रहे हैं। नवीन सिंह सहित कई लोगों ने आरोप लगाया कि टैक्सी संचालक मैदानी क्षेत्र से पहाड़ की सवारी नहीं मिलने की बात कह मुसाफिरों से दोनों तरफ का किराया वसूल रहे हैं।