लोहाघाट (चंपावत)। उप जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ का पद पिछले एक साल से रिक्त है। फ्रैक्चर होने पर उपचार के लिए करीब 75 किमी दूर पिथौरागढ़, 13 किमी दूर चंपावत या 100 किमी दूर खटीमा की दौड़ लगानी पड़ रही है।
लोगों की समस्याओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्थायी तौर पर सप्ताह में एक दिन जिला मुख्यालय से हड्डी रोग विशेषज्ञ को लोहाघाट भेजा, लेकिन करीब चार माह से यह व्यवस्था भी बंद है। इस अस्पताल में पाटी ब्लॉक की आबादी भी निर्भर है। हड्डी संबंधी परेशानियों के लिए करीब 70 हजार से अधिक आबादी के पास पिथौरागढ़, चंपावत और खटीमा के अलावा इलाज का कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
11 फरवरी को लोहाघाट में हुई जनसभा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उप जिला अस्पताल लोहाघाट में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की घोषणा की थी। एक माह बीतने के बाद भी अस्पताल में एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती नहीं हुई है।
पूर्व पालिकाध्यक्ष लोहाघाट गोविंद वर्मा ने बताया लोहाघाट अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। सीएम धामी ने अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की घोषणा की है। जल्द ही विशेषज्ञ चिकित्सकों के मिलने की उम्मीद है।
व्यापारजिगदीश मेहता ने बताया कि उप जिला अस्पताल लोहाघाट में हड्डी से संबंधी इलाज नहीं मिलने से लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। कई बार ऐसा भी हुआ कि गंभीर हड्डी मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाया। उन्हें ऑपरेशन भी कराना पड़ा। प्राथमिकता के आधार पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती करने की जरूरत है।
उप जिला अस्पताल की चिकित्साधीक्षक डॉ. सोनाली मंडल ने बताया कि अस्पताल में वर्तमान में हड्डी रोग विशेषज्ञ का पद रिक्त चल रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की मांग जिला स्तर से शासन स्तर पर लगातार की जा रही है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती न होने से रोगियों के इलाज में दिक्कतें आ रही हैं।