चंपावत। जिले के अमोड़ी क्षेत्र के लेक अमोड़ी में ट्रांसफार्मर में आग लगने से क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। बिजली गुल होने से पांच हजार से अधिक की आबादी प्रभावित हो गई है।
रविवार को जिले के लेक अमोड़ी में दोपहर करीब 1:40 बजे अचानक ट्रांसफार्मर में एक धमाका हुआ और क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। देखते ही देखते ट्रांसफार्मर में भीषण आग लग गई और आसपास धुआं फैल गया। धमाके के साथ धधकते ट्रांसफार्मर की वजह से क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल हो गया। करीब आधे घंटे तक ट्रांसफार्मर में आग जलती रही।
स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना यूपीसीएल के अधिकारियों को दी। ट्रांसफार्मर में आग लगने से कोट अमोड़ी, लेक अमोड़ी, सनर्का, दीयूरी, बमयूड़ा सहित छह से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। यूपीसीएल के एसडीओ संजय सिंह भंडारी ने बताया कि ट्रांसफार्मर में अंदरूनी फॉल्ट के चलते आग लगी होगी। कर्मियों को भेजकर जल्द ट्रांसफार्मर को ठीक कराकर बिजली सप्लाई बहाल की जाएगी।
सीमांत चूका, खेत और बंडा में बिजली सुविधा का इंतजार
चंपावत। जिले के सीमांत सीम, चूका, खेत, बंडा आदि गांवों के लोग आज भी बिजली सुविधा से वंचित हैं। उजाले के लिए ग्रामीण सौर ऊर्जा के भरोसे हैँ।
ग्रामीणों का कहना है कि बीते 10 साल से ग्रामीण सौर ऊर्जा से काम चला रहे हैं। बंडा के ग्रामीणों का कहना है कि ऊर्जा निगम की ओर से वर्ष 2005 में बिजली के खंभे तो लगाए गए लेकिन आज तक उन में करंट नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना है कि 15 साल पहले कुछ के खंभे नदी में बह गए थे। उसके बाद इस क्षेत्र में ना तो बिजली आई ना ही विभाग का कोई अधिकारी क्षेत्र में पहुंचा।
प्रधान महेंद्र सिंह रावत, मनोज अधिकारी, मनोहर सिंह, धीरज सिंह, सौरभ सिंह, चंचल सिंह, शेर सिंह आदि ने शासन प्रशासन से जल्द से जल्द इस क्षेत्र को बिजली सुविधा से जोड़ने की मांग की है। इधर ऊर्जा निगम के एसडीओ संजय सिंह का कहना है कि बिजली विहीन गांवों को जल्द बिजली सुविधा से जोड़ा जाएगा।
गांगी राम ने कहा कि जीवन के 80 साल बीत गए, आज भी बिजली सुविधा का इंतजार है। आज के आधुनिक युग में बिजली की सुविधा नहीं होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कैलाश सिंह ने कहा नेपाल सीमा से लगे गांवों में बिजली सुविधा नहीं होने से काफी दिक्कतें हो रही हैं। ग्रामीणों को मोबाइल फोन रिचार्ज कराने के लिए अन्य गांवों की दौड़ लगानी पड़ रही है।