चंपावत। दो प्रमुख राजनीतिक दलों के टोकन के जरिये शराब बेचने के मामले में टनकपुर और बनबसा की विदेशी शराब की दुकान के अनुज्ञापियों को नोटिस जारी करने के साथ ही अब आबकारी निरीक्षक पर भी कार्रवाई हो सकती है। डीएम विनीत तोमर ने इस मामले में तीन दिन के भीतर जवाब देने और संतोषजनक जवाब न मिलने पर निलंबन की चेतावनी दी है। बुधवार को चंपावत की विधानसभा सीट के आरओ हिमांशु कफल्टिया के छापे के बाद टनकपुर और बनबसा की शराब की दुकानों से 225 से अधिक टोकन मिले थे। बुधवार से ये दोनों दुकानें सील हैं।
डीएम ने कहा कि पर्ची-टोकन के जरिये राजनीतिक दलों को शराब का वितरण आदर्श आचार संहिता और अनुज्ञापन की शर्तों का उल्लंघन है। आबकारी निरीक्षक ने शराब की दुकानों की निगरानी में लापरवाही की है। आठ जनवरी से एक फरवरी तक आबकारी के अभियोगों के पंजीकरण की गति भी ढीली है। तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब न मिलने पर डीएम ने निलंबन की चेतावनी दी है। उधर आबकारी निरीक्षक तारा चंद्र पुरोहित ने कहा कि वे स्पष्टीकरण का तय अवधि तक जवाब देंगे। उन्होंने टोकन मामले की जानकारी होने से इंकार कर सभी आरोपों को नकारा है।
शराब की तस्करी रोकने को नेपाल के रास्तों पर तेज की नाकेबंदी
टनकपुर (चंपावत)। टनकपुर और बनबसा की विदेशी शराब की दुकानें सील होने के बाद नेपाल से शराब की तस्करी के अंदेशे को देखते हुए प्रशासन ने सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। एसडीएम हिमांशु कफल्टिया ने एसएसबी और पुलिस अधिकारियों को चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। बताया गया कि नेपाल सीमा पर बूम, सैलानीगोठ, गुदमी आदि ठिकानों से चुनाव के लिए शराब की तस्करी की कोशिश की जा रही है। इन स्थानों पर रात को भी गश्त बढ़ाई जा रही है।