चंपावत। ढकना बडोला में हमला कर महिला को मारने के बाद तेंदुआ लापता हो गया है। वन विभाग को तीसरे दिन भी तेंदुआ नहीं मिल सका है। विभाग की ओर से एक दिन पूर्व जंगल के विभिन्न हिस्सों में लगाए गए स्वचालित कैमरों की पकड़ में कोई भी जानवर नहीं आ पाया है। पदचिह्न मापने के लिए लगाए गए इंप्रेशन पैड में काकड़ और जंगली मुर्गियों के पदचिह्न अवश्य दिखे हैं। रेंजर हेम चंद्र गहतोड़ी के नेतृत्व में वन कर्मियों की टीम क्षेत्र में लगातार कांबिंग कर रही है।
तेंदुए ने छह दिसंबर को ढकना बडोला से लगे एकहथिया नौले के जंगल में घास लेने गई रमेश सिंह नरियाल पत्नी मीना देवी (35) को मार दिया था। ग्रामीणों की मांग पर गांव तक पिंजरा तो पहुंचा दिया है लेकिन तेंदुए की लोकेशन न मिलने के कारण पिंजरा लगाया नहीं जा सका है। डीएफओ आरसी कांडपाल ने बताया कि तेंदुए की गतिविधियों को पकड़ने के लिए विभागीय कर्मचारियों ने गश्त बढ़ा दी है। उन्होंने ग्रामीणों से जंगल न और सावधानी बरतने की अपील की है।
वन विभाग ने दो और स्वचालित कैमरे लगाए
चंपावत। ढकना बडोला क्षेत्र में तेंदुए पर निगरानी रखने के लिए वन विभाग की ओर से बुधवार को दो और स्थानों पर स्वचालित कैमरे लगाए गए हैं। विभाग ने एक दिन पूर्व जंगल क्षेत्र में चार स्थानों में स्वचालित कैमरे लगाने के साथ ही छह स्थानों में इंप्रेशन पैड लगाए गए थे।
रेंजर हेम चंद्र गहतोड़ी ने बताया कि बुधवार को दो अन्य स्थानों में स्वचालित कैमरे लगाए गए हैं। तेंदुआ दो शावकों के साथ अक्सर जंगल में महिलाओं को दिख जाता था। एक सप्ताह पहले भी यह तेंदुआ गांव की ही अन्य महिलाओं पर भी हमला कर चुका था। इसके खौफ के कारण महिलाओं ने जंगल जाना छोड़ दिया था।
ड्रोन के माध्यम से तेंदुए को तलाशने की मांग
चंपावत। ढकना बडोला गांव में तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की धीमी कार्रवाई पर ग्रामीणों में गुस्सा है। उन्होंने वन विभाग से ड्रोन कैमरे की मदद से तेंदुए को तलाशने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने तेंदुए को पकड़ने के लिए लाए गए पिंजरे के दो दिनों से सड़क में पड़े होने पर रोष जताया। उनका कहना था कि एक ओर आदमखोर हो चुका तेंदुआ खुलेआम घूम रहा है।
दूसरी ओर वन विभाग ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहा है। उन्होंने वन विभाग से तत्काल पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने की मांग की है। ग्रामीण पूरन बडोला, वन पंचायत सरपंच ईश्वरी देवी, पूर्व सरपंच विक्रम सिंह भंडारी, भैरव सिंह, दीपक सिंह, सुरेश चंद्र आदि ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर रोष जताया है।