टनकपुर/चंपावत। चंपावत जिले में जरूरत के सापेक्ष महज 41 प्रतिशत पानी की ही आपूर्ति हो पा रही है। हर परिवार को रोजाना 200 लीटर के सापेक्ष 71 लीटर पानी मिल रहा है। पेयजल किल्लत की इस दुश्वारी के बीच लीकेज दिक्कतों को बढ़ा रहा है। टनकपुर नगर क्षेत्र में पालिका और अस्पताल क्षेत्र के नजदीक बीते दो हफ्ते से पानी की लीकेज को ठीक नहीं किया जा सका है। इसके चलते सड़क के एक हिस्से पर पानी भर रहा है तो दूसरी तरफ लोग पेयजल किल्लत से परेशान हैं।
जिले में हर माह औसतन 1.23 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद मांग के सापेक्ष महज 41.67 प्रतिशत पानी की ही आपूर्ति हो रही है। 109.90 लाख लीटर की जगह रोजाना 45.80 लाख लीटर पानी ही मिल रहा है। इस कारण लोहाघाट में एक दिन छोड़कर महज एक घंटे के लिए ही आपूर्ति हो रही है। लोग 4505 स्टैंडपोस्ट, 811 हैंडपंपों के अलावा नौले और गधेरों से काम चलाने को मजबूर हैं।
आधे पानी का पूरा बिल दे रहे पूर्णागिरि क्षेत्र के लोग
पूर्णागिरि धाम (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम में श्रद्धालुओं के साथ ही वहां रहने वाले लोगों की पेयजल आपूर्ति बड़ी चुनौती है। पूर्णागिरि क्षेत्र के पुजारियों और व्यापारियों का कहना है कि मेले के दौरान उन्हें एक घंटे सुबह और एक घंटे शाम पानी मिल रहा है। मेला निपटने के बाद पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो जाती है लेकिन उनसे सालभर कर बिल लिया जाता है। धाम और धाम के आसपास के क्षेत्र में पेयजल की बेहद लचर व्यवस्था से नाराज लोगों ने लंबित बिलों का भुगतान नहीं करने का एलान किया है। उनका कहना है कि बरसात में लाइनें क्षतिग्रस्त होती हैं, जिन्हें मार्च में शुरू मेले के दौरान ही ठीक किया जाता है। मंदिर समिति के अध्यक्ष पंडित किशन तिवारी का कहना है कि दो अप्रैल को धाम आ रहे मुख्यमंत्री के सम्मुख यह मामला उठाया जाएगा।
गर्मी बढ़ने पर पेयजल की आपूर्ति और उपलब्धता में अंतर बढ़ रहा है। टनकपुर सहित जहां भी लीकेज हैं, वहां ठीक करने के लिए सभी अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। जहां तक पूर्णागिरि क्षेत्र का मामला है, बारिश में लाइनों को नुकसान से बचाने के लिए अस्थायी रूप से बनाई गई पेयजल लाइनों को हटा दिया जाता है। बिल की अदायगी करने से बचने के लिए लोगों को इस अवधि के लिए संयोजन कटवाना होगा और फिर मेला अवधि शुरू होने पर दुबारा संयोजन शुल्क देना होगा। - विलाल युनूस, इई जल संस्थान, चंपावत।
हमें सालभर में मुश्किल से तीन महीने भी पानी नहीं मिला। पिछली बार कोरोना की वजह से मेला चार हफ्ते ही चला था। लेकिन सालभर का 18879 रुपये का बिल आया है। - पंडित अंबादत्त तिवारी, पूर्णागिरि।
पानी दे रहे हैं, लेकिन बिल के नाम पर लंबीचौड़ी राशि का बिल भेज रहे हैं। एक साल का 15 हजार रुपये बिल भेज दिया, जबकि पानी दो महीने ही मिला। ये अन्याय है। - पंडित नेत्र बल्लभ तिवारी, पूर्णागिरि।
चंपावत जिले के नगरीय क्षेत्रों में पेयजल की तस्वीर:
नगर- मांग (लाख लीटर में)- पूर्ति
चंपावत नगर: 23.60- 11.00
लोहाघाट नगर: 20.70- 07.20
टनकपुर नगर: 49.10- 19.40
बनबसा नगर: 16.50- 08.20
कुल योग: 109.90- 45.80