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Champawat News: मरीज के लिए डोली और सामान ढोने के लिए खच्चर का सहारा

Thu, 07 Sep 2023 10:41 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
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बकोड़ा क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए परिवहन का जरिया बना खच्चर। संवाद
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चंद्रशेखर जोशी
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चंपावत। नेपाल सीमा से लगे तल्लादेश के बकोड़ा क्षेत्र के लोग सड़क से दूरी की कीमत चुका रहे हैं। सड़क से कटे क्षेत्र के 17 गांवों का विकास बाधित है। क्षेत्र के 1,800 से अधिक लोगों को हर सामग्री पर ढुलान के लिए 40 से 60 प्रतिशत अतिरिक्त भाड़ा देना पड़ रहा है।
करीब 12 किमी लंबी मंच-बकोड़ा सड़क वर्ष 2012 में मंजूर हुई थी लेकिन वन भूमि हस्तांतरण न होने के कारण सड़क नहीं बन सकी है। इस कारण परेशान ग्रामीण पिछड़ेपन से भी जूझ रहे हैं। इन गांवों के लिए ढुलान का एकमात्र सहारा खच्चर है। इसके लिए प्रति क्विंटल 500 रुपये भाड़ा देना होता है। इससे भवन निर्माण सामग्री की लागत 60 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। बुजुर्गों और मरीजों को डोली से मंच तक पैदल लाने में चार घंटे लग जाते हैं।
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घरेलू सामग्री की कीमतों का अंतर
सामग्री रोडहेड मंच - बकोड़ा की कीमतें (प्रति किग्रा रुपये में)
नमक 12- 17
आटा 28- 34
चावल 50- 65
गुड़ 40- 55
मंच-बकोड़ा सड़क से जुड़ने वाले 17 गांव
पनतौला, खुलकना, ग्वानी, मरथपला, स्यूतौला, बसेड़ी, खटगरी, सूना गांव, मटकांडा, बकरौला, डांडा, बकोड़ा, मथार, अकरी, मोष्टी, बांस और मोस्टा।
सड़क न होने के नुकसान
1. मंच गांव से सामान की लागत 40 से 50 प्रतिशत ज्यादा।
2. गांव से सड़क तक पहुंचने में ढाई से तीन घंटे लगते हैं।
3. समूचे क्षेत्र के विकास और सुविधाओं पर असर पड़ा है।
4. इलाज के लिए डोली का आसरा।



मंच-बकोड़ा सड़क के लिए वन विभाग के साथ पिछले सप्ताह संयुक्त सर्वे हुआ था। सड़क कटिंग के लिए डंपिंग जोन निर्धारण के साथ नए नक्शे बनाए गए हैं। आपत्तियों को दूर कर पत्रावली निस्तारण के लिए फिर से वन विभाग को भेजी जा रही है। - नरेंद्र सिंह, एएई, लोनिवि खंड, चंपावत।

सड़क के अभाव में मरीजों, गर्भवती को डोली से मंच लाते हैं। अदरक, गडेरी आदि फसल को सड़क पर पहुंचाने में 600 रुपये क्विंटल का भाड़ा लगता है। - फतेह सिंह बोहरा, पूर्व प्रधान बकोड़ा।
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सड़क न होने की ग्रामीण त्रासदी झेल रहे हैं। स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। प्रशासन की नजर न पड़ने से क्षेत्र का विकास भी नहीं हो पा रहा है। - प्रदीप बोहरा, ग्रामीण।
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