सेवानिवृत्ति के 34 महीने बाद भी देयकों को तरसे चीफ फार्मासिस्ट जगदीश कांडपाल।
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चंपावत। जिला अस्पताल से सेवानिवृत्त हुए चीफ फार्मासिस्ट अपनी ही बकाया राशि के लिए तरस गए हैं। 34 माह से उन्हें बकाये की रकम नहीं मिल सकी। इससे परेशान सेवानिवृत्त फार्मासिस्ट ने फार्मेसी दिवस पर 25 सितंबर से आंदोलन की चेतावनी दी है।
चीफ फार्मासिस्ट जगदीश चंद्र कांडपाल 30 नवंबर 2018 को सेवानिवृत्त हुए, लेकिन 34 माह बाद भी वे सेवानिवृत्ति के देयकों के लिए तरस रहे हैं। न फंड मिला न पेंशन या एरियर। कांडपाल का कहना है कि भुगतान से संबंधित सभी अनापत्ति प्रमाणपत्र काफी समय पहले जमा कराए गए थे।
व्यक्तिगत रूप से कई बार जिला अस्पताल के संबंधित सेक्शन से संपर्क भी किया गया, लेकिन ग्रेच्युटी के अलावा उनके देयकों का भुगतान नहीं किया गया है। कांडपाल ने आरोप लगाया कि उन्हें बार-बार आश्वासन मिल रहे हैं, लेकिन बकाया राशि नहीं मिली।
रुपये मिलने में देरी से उनके रोजमर्रा के खर्चे के अलावा मकान निर्माण और दूसरे जरूरी कामों पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंनेे 24 सितंबर तक रकम न मिलने पर फार्मेसी दिवस से आंदोलन की चेतावनी दी है।
संबंधित पटल सहायक त्रिभुवन कोठारी ने बताया कि ग्रेच्युटी और पेंशन के कागजात पेंशन कार्यालय देहरादून भेजे गए हैं। वे सप्ताहभर में देहरादून जाकर मामले का निस्तारण करवा देंगे और 15 दिन के भीतर भुगतान करा लिया जाएगा।
मुझे पीएमएस के रूप में अभी तीन दिन हुए हैं। पूरे मामले का परीक्षण किया जाएगा। सेवानिवृत्त चीफ फार्मासिस्ट को जल्द देयक दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
- डॉ. एचएस ऐरी, पीएमएस, चंपावत।