चंपावत जिला अस्पताल में तकनीशियन के अभाव में लैब में खाली पड़ी जांच मशीनें।
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चंपावत। जिला अस्पताल की पैथोलोजी लैब में एक भी तकनीशियन नहीं है। इस कारण दूर-दूर से आने वाले मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
एक तरफ स्वास्थ्य विभाग की ओर से चंपावत जिले के सबसे बड़े जिला अस्पताल में सभी सुविधाएं होने दावा किया जाता है लेकिन हकीकत इसके ठीक विपरीत है। जिला अस्पताल में लैब तकनीशियन के तीन पद स्वीकृत हैं। इनमें से एक भी पद पर तैनाती न होने से मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कोविड के दौरान आउटसोर्स से तीन लैब तकनीशियन रखे गए थे। उनका अनुबंध पूरा होने के बाद सेवा समाप्त हो गई है। इससे अब जिला अस्पताल की लैब में एक भी लैब तकनीशियन नहीं है। इससे खून जांच सहित अन्य प्रकार की जांचें प्रभावित हो रहीं हैं।
रोजाना 200 से अधिक जांचे होती हैं लैब में
चंपावत। जिला अस्पताल की लैब एक अप्रेंटिस कर्मी के भरोसे चल रही है जबकि इसमें प्रतिदिन 200 से अधिक खून, पेशाब, बलगम सहित सभी प्रकार की जांचें होती हैं।
जिला अस्पताल में लैब तकनीशियन की कमी होने के कारण लैब की जिम्मेदारी एक ही कर्मचारी को दी गई है और जिला अस्पताल में सभी प्रकार की जांचें की जा रही हैं। तीन पदों की नियुक्त का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शीघ्र ही तकनीशियन के पदों पर तैनाती की जाएगी। दो लैब तकनीशियन ब्लड बैंक में तैनात है, जरूरत पड़ने पर उनका सहारा लिया जाएगा। - डॉ. एचएस ऐरी, पीएमएस, जिला अस्पताल, चंपावत।