चंपावत। दिवाली से दो दिन पहले आठ गांवों के लोगों का वर्षों पुराना इंतजार खत्म हुआ। दियूरी-चल्थी सड़क के लिए प्रदेश शासन ने मंगलवार को एक करोड़ 23 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। इस सड़क के बनने से न केवल आठ गांवों के लोगों को लाभ होगा, बल्कि टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद होने पर वैकल्पिक मार्ग के रूप में भी इसका उपयोग हो सकेगा।
ग्रामीण इस सड़क के लिए लंबे समय से आवाज उठाते रहे हैं और दिवाली से दो दिन पहले इस सड़क के लिए धन मंजूर कर दिया गया है। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे धौन से 13 किमी दियूरी तक सड़क का निर्माण वर्षों पहले हो चुका है लेकिन दियूरी से चल्थी तक के नौ किमी हिस्से की कटिंग नहीं हुई थी। धन मिलने से अब यह काम हो सकेगा।
सामाजिक कार्यकर्ता दीपक नेगी, पूर्व प्रधान पूरन सिंह रावत, पूर्व फौजी रेवाधर भट्ट, प्रेम सिंह आदि का कहना है कि इसके बनने से सड़क विहीन गांवों को ही लाभ नहीं होगा, बल्कि कोट अमोड़ी, दियूरी, नैक्यूना, बमन्यूड़ा, बगेड़ी, आगर, अमौन, हेडिंगा की दूरी 30 किमी कम हो जाएगा।
इस वक्त यहां के लोगों को 39 किमी दूर चल्थी जाने के लिए धौन होकर इस फासले को तय करना पड़ता है जबकि दियूरी से चल्थी तक सड़क की कटिंग होने पर इन गांवों की दूरी महज नौ किमी रह जाएगी। एनएच पर धौन, स्वांला, अमोड़ी, बेलखेत में सड़क बंद होने से चंपावत-टनकपुर के बीच दियूरी-चल्थी सड़क वैकल्पिक मार्ग के रूप में भी उपयोग में आएगी।