चंपावत। जिले में मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। उन्हें अब डॉक्टरों की कमी से नहीं जूझना होगा। सृजित पदों के सापेक्ष 20 प्रतिशत डॉक्टर कम होने से कई पद खाली थे। दो अस्पतालों में एक भी डॉक्टर नहीं थे। कई जगह संबद्धीकरण से काम चल रहा था। जिले में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए बांडधारी 24 डॉक्टर मुख्यालय से जिले में भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. शैलजा भट्ट ने इन डॉक्टरों को 20 दिन के भीतर कार्यभार ग्रहण करने के आदेश दिए हैं।
चंपावत जिले के 23 छोटे-बड़े सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के कुल 107 पद सृजित हैं लेकिन तैनाती सिर्फ 86 की ही थी। इससे दूरदराज के अस्पतालों के संचालन में बाधा आ रही थी। टांण, भिंगराड़ा, पाटी, देवीधुरा, स्वांला, तल्लादेश आदि अस्पतालों में डॉक्टरों के पद खाली थे लेकिन अब हालात में सुधार होने की उम्मीद है।
चंपावत जिले भेजा गया है इन 24 डॉक्टरों को
डॉ. ऋषु टम्टा, डॉ. आकांक्षा चौहान, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. आशीष गर्ग, डॉ. दीक्षा शर्मा, डॉ. ज्योति भट्ट, डॉ. ज्योति रुमाल, डॉ. करन सिंह बिष्ट, डॉ. प्रकृति तोमर, डॉ. राज किरन, डॉ. रोहित प्रसाद, डॉ. आभा बिष्ट, डॉ. एलिश नेगी, डॉ. दीपशिखा, डॉ. मेघा, डॉ. प्रियंका रावत, डॉ. रजत सिंह, डॉ. इशिता बिष्ट, डॉ. प्रिया रावत, डॉ. रितेश चंद, डॉ. विशाल सेन, डॉ. हिमांशु जोशी, डॉ. पूजा मीना, डॉ. आकाश रावत।
चंपावत जिले में ये चुनौतियां अब भी बाकी
1. टनकपुर उप जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड परीक्षण के लिए रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती।
2. टनकपुर में सर्जन और निश्चेतक होने के बावजूद सर्जरी नहीं हो रही। इसके लिए ऑपरेशन थिएटर की मामूली खामी को दूर करना।
3. जिला अस्पताल में ईएनटी, हृदयरोग विशेषज्ञ सहित कई पदों को भरना।
4. दूसरे जिलों से संबद्ध लोहाघाट के दो विशेषज्ञ डॉक्टरों (निश्चेतक और माइक्रोबायोलॉजिस्ट) की मूल स्थान पर तैनाती।
5. टनकपुर और लोहाघाट के आईसीयू का संचालन कराना और चंपावत के आईसीयू के लिए स्टाफ की तैनाती।
6. जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट और टेली मेडिसिन सेवा का संचालन।
7. टनकपुर और लोहाघाट के ट्रॉमा सेंटर का संचालन शुरू करवाना।
चंपावत जिले को बांड के 24 डॉक्टर भेजने के आदेश जारी हुए हैं। इनके कार्यभार संभालने के बाद हालात में सुधार होने की उम्मीद है। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।