बनबसा में प्रदर्शन करते पूर्व सैनिक।
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बनबसा (चंपावत)। पिछले दिनों सीएसडी कैंटीन बंद होने के बाद कैंटीन से शराब बिक्री के मामले की जांच को लेकर पूर्व सैनिकों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने बनबसा सेना छावनी के प्रशासनिक अधिकारी को ज्ञापन भेजकर सेना के अधिकारियों से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कोरोना महामारी के तहत बंद कैंटीन से शराब बिक्री से नाराज पूर्व सैनिकों ने पाटनी तिराहे पर प्रदर्शन कर स्टेशन कमांडर के नाम से संबोधित ज्ञापन सभी को पढ़कर सुनाया। ज्ञापन में उन्होंने कहा है कि कोरोना के कारण 24 अप्रैल से बनबसा स्थित सीएसडी कैंटीन को बंद कर दिया गया था। लेकिन 21 मई को कैंटीन से शराब बिक्री की गई है जिसका एक बिल सोशल मीडिया पर प्रचारित किया गया है। पूर्व सैनिकों की मांग है कि बंद कैंटीन से 21 मई को शराब की बिक्री कैसे हुई इसकी पूरी छानबीन की जाए। इस संबंध में पूछे जाने पर कैंटीन प्रबंधक पूर्व सैनिक एनडी पांडेय ने बताया कि जल्द ही कैंटीन खोली जानी थी। इसके लिए 21 मई को साफ सफाई और कैंटीन संचालन की तैयारियों के लिए कार्यरत स्टाफ को बुलाया गया था। उसी दिन कार्यरत स्टाफ को उनके कार्ड पर सामान दिया गया, लेकिन अगले दिन दो कर्मचारियों के संक्रमित होने से कैंटीन खोलना कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया गया। कैंटीन प्रबंधक ने बताया कि पूर्व सैनिकों का पिछला कोटा सुरक्षित है। कैंटीन खुलने पर उन्हें सेना व कैंटीन के नियमों के तहत दे दिया जाएगा।
गौरव सेनानी कल्याण समिति के अध्यक्ष का भी किया घेराव
बनबसा (चंपावत)। कुछ पूर्व सैनिकों ने शुक्रवार को गौरव सेनानी कल्याण समिति अध्यक्ष कैप्टन भानी चंद का घेराव कर उन्हें ज्ञापन सौंप 21 मई को कैंटीन में शराब बिक्री की घटना की सेनाधिकारियों से जांच कराने की मांग की। इस दौरान समिति के अध्यक्ष कै. भानी चंद ने बताया कि वह पहले ही सेनाधिकारियों को मामला बताकर जांच की मांग कर चुके हैं। (संवाद)